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Thursday, February 24, 2022

भक्त भक्त होता है भक्त की नजरों में राष्ट... ये भक्त का नजरिया है।कुछ अवसरवादी होते है और कुछ भक्त...देश नही बिकने दूंगा। कमजोरी की मजबुरी


यूक्रेन कमजोर था अंत तक अमेरिका का मुह देखता रहा !!
होंग कॉन्ग ने समृद्धि बहुत कमाई पर रक्षा तंत्र पर काम नही किया उस पर चीन ने कब्जा कर लिया !!
नेपाल कमजोर है चीन ने जvबरन उसके गांवों पर कब्जा किया हुआ है !!
नेहरू जी कमजोर प्रधानमंत्री थे तिब्बत दे बैठे चीन को !!
एक राष्ट्र केवल व्यापार या संस्कृति नही होता राष्ट्र राष्ट्र तब बनता है जब उसकी सीमाएं सुरक्षित हो !!!
आज के हालात देख कर लगता है हो सकता है हमने पेट्रोल महंगा भराया हो जी एस टी से लोगो को तकलीफ हुई हो पर इस सरकार ने एक राष्ट्र के रूप में हमे बहुत सुरक्षित कर दिया है !!!
आज हमारे पास विश्व की जानी मानी सेना है जो घर मे घुस कर मारती है वो सेना है जिसकी आंखों से चीन भी घबराता है !!!
धन समृद्धि तो समय के साथ आ ही जायेगा पर ये जो राष्ट्र मोदी ने सुरक्षित किया है इसका कर्जदार तो हर राष्ट्र प्रेमी रहेगा !!!
जय माँ भारती !!

यूरोपियन देश #यूक्रेन में बड़ी बड़ी शानदार बिल्डिंगें है.. चमचमाती हुई सड़कें और लंबी लक्जरी कार गाडियां हैं सड़कों पर साइकिल तो क्या दोपहिया वाहन भी दिखाई नहीं देते क्योंकि सबके पास महंगी लक्जरी गाडियां जो है अच्छे मेडिकल कॉलेज भी है...

युनिवर्सिटी है तभी तो मेडिकल शिक्षा के लिए भारत के हजारों छात्र यूक्रेन में पढ़ाई कर रहें हैं यानि यूक्रेन में चारों तरफ संपन्नता है अगर नहीं है तो सामरिक शक्ति ,मजबूत सेना , अत्याधुनिक हथियार और वहां की जनता में राष्ट्रवादी भावना यही कारण है कि मात्र दो घंटे में रुस ने यूक्रेन को घुटनों पर लाकर खड़ा कर दिया यूक्रेन के
सेनिक भाग खड़े हुए हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति आम लोगों से युद्ध लड़ने की अपील कर रहें हैं..
इसके लिए सारी पाबंदियां भी हटा दी गई है... यूक्रेन आम नागरिकों को युद्ध लड़ने के लिए हथियार देने की बात भी कह रहा है पर मजाल यूक्रेन का एक भी नागरिक युद्ध लड़ने को तैयार हुआ हो , क्योंकि यूक्रेन के नागरिकों में इजराइल के नागरिकों की तरह राष्ट्रवाद की भावना ही नहीं है।

वह तो एशो आराम की जिन्दगी जीने के आदी हो चुके हैं। यूक्रेन के स्कूल कालेज, युनिवर्सिटी, बाजार, दुकान,आफिस सब बन्द कर दिये गये हैं। सब कारोबार चौपट हो गया है। कारखाने फैक्ट्री सब बन्द हो गये
सब कारोबार चौपट हो गया है कारखाने फैक्ट्री बंद हो गई लोग रोजगार तो क्या अपनी जान बचाने के लिए सिमित संख्या में मौजूद बंकरों में छुप रहें हैं अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशनों में शरण ले रहें हैं। यानि सब कुछ होते हुए भी यूक्रेन आज जिंदगी की भीख मांग रहा है।

भक्त की नजरों से यूक्रेन....की स्थिति का व्याख्यान
ये लेख भारत के उन लोगों को समर्पित है जो राष्ट्रवाद और राष्ट्रवादियों को गाहे बगाहे गालियां देते रहते हैं तथा सिर्फ महंगाई, बेरोजगारी और आलू प्याज टमाटर तथा मुफ्त की योजनाओं को ही देश के विकास का पैमाना मान बैठे हैं। यह लेख राहुल गांधी के उस मूर्खतापूर्ण बयान को भी आइना दिखाता है जिसमें अभी कुछ ही दिनों पहले  राहुल गांधी ने कहा था कि सेना की मजबूती अत्याधुनिक हथियारों के जखीरे इकट्ठा करने से देश का विकास नहीं होता राहुल गांधी जैसे मंदबुद्धि को रुस यूक्रेन युद्ध से शाय़द थोड़ी अक्ल आ जाये हम ईश्वर से यही प्रार्थना करते हैं और उन मुफ्तखोरों को भी समझ आ जायेगी, क्योंकि किसी भी देश के विकास का रास्ता उसकी सैनिक ताकत, सीमाओं की मजबूत सुरक्षा और अत्याधिक हथियारों से होकर निकलता है।

भक्त की नजर से बढ़ते पेट्रोल डीज़ल के दाम।

मोदी सरकार में पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ने पर रोने वाले लोग किस मुंह से खुद को राष्ट्रवादी कहते है ?

क्या ये बढ़ा हुआ पैसा राष्ट्र के विकास में खर्च नहीं हो रहा ?

क्या आपके टैक्स की पाई पाई सेना के आधुनिकरण पर नहीं खर्च हो रही ?

क्या आपके द्वारा दिया गया किसी भी प्रकार का टैक्स किसी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है ?

क्या आपके द्वारा पेट्रोल डीजल पर चुकाई जा रही कीमतों से रोड, ब्रिज, टनल, 2 साल से 80 करोड़ को मुफ्त अनाज, 130 करोड़ लोगो को दो डोज मुफ्त वैक्सीन इत्यादि पर खर्च नहीं किया जा रहा है ?

तो क्यों रो रहे हो ? हां अगर ये सारा पैसा मोदीजी अपनी जेब में भर रहे हों या अपने किसी रिश्तेदारों की जेब में भर रहे हो, देश में कोई विकास का काम धाम न हो रहा हो, सेना को मजबूत न किया जा रहा हो, विभिन्न क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित न किया जा रहा हो, तब तो आपका पेट्रोल डीजल और गैस की बढ़ी कीमतों पर रोना समझ में आता है।

आपके द्वारा टैक्स के रूप में दी जा रही पाई पाई मोदी सरकार राष्ट्र के निर्माण में खर्च कर रही है।

ऐसे ही नहीं 7 लाख किलोमीटर से अधिक ग्रामीण क्षेत्रों में पक्की सड़कें बन रही है।

ऐसे ही नहीं 50 हजार किलोमीटर लंबे हाईवे एक्सप्रेसवे का जाल बिछ रहा है।

ऐसे ही नहीं सीमाओं पर, दुर्गम पहाड़ी इलाकों में हजारों किलोमीटर पक्की सड़कें, सैकड़ों ब्रिज और सुरंगे बन रही है।

ऐसे ही नहीं हजारों किलोमीटर लंबी गैस पाइपलाइन बिछ रही है।

हम सबको यह समझना होगा की पेट्रोल डीजल की खेती हमारे घर में नहीं होती है। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार से खरीदना पड़ता है। बाजार में जो भाव होगा उसी भाव पे तो खरीदना पड़ेगा। 

आपको सस्ता पेट्रोल डीजल उपलब्ध करवाने के लिए मोदी सरकार अमेरिका से पंगा लेते हुए रूस से डिस्काउंट पर क्रूड ऑयल खरीद रही है। वरना क्या जरूरत थी मोदी सरकार को ऐसा करने की ?

आपातकालीन परिस्थिति के लिए सरकार 90 दिनों का स्ट्रेटजिक क्रूड ऑयल रिजर्व बना रही है।

पेट्रोल डीजल के दाम केवल भारत में ही नहीं बढ़े है, दुनिया भर में बढ़े है। उन देशों में भी बढ़े है जहां इसका उत्पादन होता है।

या तो मोदी सरकार भी वही कांग्रेसियों वाला काम करे और पेट्रोल डीजल गैस के दाम कम रखने के लिए देश की जनता को बिना कुछ बताए लाखों करोड़ों का ऑयल बॉन्ड ऋण ले ले और उसके भुगतान का बोझ आने वाली पीढ़ियों पर डाल दे। तब आप खुश रहेंगे ?

आपको दिख नहीं रहा की मोदी सरकार आपको राहत पहुंचाने के लिए कितनी तेजी से पेट्रोल डीजल के विकल्प पर काम कर रही है ? जगह जगह इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करवा रही है। इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा दे रही है। फ्लेक्स फ्यूल इंजन वाली गाड़ियां बनाने के लिए ऑटोमोबाइल कम्पनियों पर दबाव बना रही है। इथेनॉल का उत्पादन बढ़ा रही है। इतना ही नहीं हाइड्रोजन फ्यूल पर चलने वाली गाड़ियां भी जल्द ही लेकर आ रही है। इसके अलावा भविष्य में सस्टेनेबल ईंधन के नये विकल्पों का पता लगाने के लिए रिसर्च पर पैसा खर्च कर रही है।

ये सारे काम फ्री तो होंगे नहीं... पैसा लगेगा... आपके पैसे का सही उपयोग हो रहा है... आपका पैसा राष्ट्र निर्माण में लग रहा है... जिसका फायदा आपको, आपकी आने वाली कई पीढ़ियों को होगा... 

#TrustNaMo #ModiMatters


Monday, February 21, 2022

मैने खाना खा कर 11 kg weight कम किया 3 month में। 98 kg से 87 kg, यूरिक एसिड 8.8 से 5.6, केलोस्ट्रोल 200 से 172

मैने खाना खा कर 11 kg weight कम किया 3 month में। 98 kg से 87 kg, यूरिक एसिड 8.8 से 5.6, केलोस्ट्रोल 200 से 172

Friday, November 19, 2021

वन नेशन वन डेटा-जन्म मृत्यु की 7 दिन में सर्टिफिकेट बनवाना अनिवार्य होगा -सरकारी corruption बढ़ाने में एक कदम ओर आगे।

 सरकारी corruption बढ़ाने में एक कदम ओर आगे।

Ref: 

PMOPG/E/2021/0572330              dt 19.11.2021
PRSEC/E/2021/32855                    dt 19.11.2021


Observation & Grievance : 
1  परिजन की मृत्यु के बाद पूरा परिवार शोक में डूबा रहता है  १२ दिन तक रस्मे चलती रहती है  क्या मृत्यु की 7 दिन में सर्टिफिकेट बनवाना अनिवार्य होना  -सरकारी corruption को बढ़ाने  जैसा नहीं। 
2 . कभी बाबू नहीं हे कभी साहब छुट्टी पर  है , कभी सर्वर नहीं चल रहा  कल आना। .. क्या ये सब करने से जनता की एजेंट की तरफ धकेला नहीं जा सकता,  क्या इससे सरकारी करप्शन नहीं बढ़ेगा।
3 . क्या सरकारी सर्वर नहीं चलने, नेट नहीं चलने पर सरकारी करने से ७ दिन में सेर्टिफिकेट िसुए नहीं कर पाने के केस में सरकार  जनता के harrased  होने पर  500 /- प्रतिदिन  की पेनल्टी जनता को देगी। 
4 . सरकारी बाबू और सरकारी अफसरों पर कितनी पेनल्टी लगेगी देर होने पर। 
5 . जन्म होने के बाद बच्चे  को  किसी तरह की बीमारी होने पर  निमोनिया। ...परिवार बच्चे का इलाज कराए या जन्म प्रमाण पत्र  लेने के लिए भागे। ..
6 . आपके घर बच्चा हुआ है  सर चाय पानी  के नाम पर सरकारी करप्शन नहीं होगा इस की क्या व्यवस्था है। 
7 . आपके घर बच्चा हुआ है  रजिस्ट्रेशन का डाटा कैसे सिक्योर्ड होगा  हिजड़ो को शेयर कर जनता का हर्रासमेंट नहीं होगा इसकी क्या व्यवस्था है। 
8 . हिन्दू कल्चर में ६ छटे दिन नामकरण होता है  परिवार बच्चे का उत्सव मनाए या जन्मप्रमाण पत्र  के लिए सरकारी विभाग के चक्कर लगाए।


Ground Level Practical Implementation 

1. जन्म मृत्यु की 3 -12  महीने  में सर्टिफिकेट बनवाना अनिवार्य होगा चाहिए। 
2. जन्म मृत्यु  प्रमाण पत्र  का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन होना चाहिए। परिवार को कही भी जाने की जरुरत नहीं होनी चाहिए। 
३. ऑनलाइन  व्यवस्था में  होना चाहिए 
  • QRCODE 
  • Barcode 
  • Unique 16 डिजिट नंबर 
  • बच्चे का नाम ,  
  • बच्चे  को फोटो ,
  • जन्म तारीख  
  • जन्म समय 
  • जन्म स्थान 
  • पिता का नाम, 
  • पिता का आधार ,
  • पिता की फोटो 
  • माता का नाम, 
  • माता का आधार , 
  • माता की फोटो 
  • माता पिता के साथ बच्चे की फोटो 
  • करंट पता , 
  • परमानेंट पता , 
  • हॉस्पिटल या नाम...
  •  या जन्म होने का स्थान  व् पता आदि भरने का ऑनलाइन ऑप्शन होना चाहिए।


Ref: Dainik Bhaskar 18 november 2021

Friday, October 8, 2021

Lost trust on uber services.unprofessional services from uber- SAFETY CONCERN WITH UBER

Now we have lost trust on uber services. Most of the time driver not comming after booking.  Driver call me sir where you need to go i said old delhi railway station. That time driver was only 2 minute away from pickup location then he change the rute and switch off his phone i called may be 8-10 time but every time call disconnected. Later on i message on chat i have train so due to mistakes of uber i should loose my tarin. Then he replied sir gadi kharab ho gai he start nahi ho rahi. Due to unprofessional services from uber i lost my train. I am not able to pick my train.  Then i received 20/-invoice .is this the quality of uber service. Why should we recommend uber.? Specially in haryana. Drivers are unprofessional and misbehaving with customer like this. Uber is most unreliable service during going to airport and railway station. This is not first time happened with uber most of the time previously also happened similer issue previously also one driver said sir chai pi rahe he agar jaldi he to trip cancelled kr dusari cab book kar le. Is this the level of uber. 

SAFETY CONCERN WITH UBER 
I going to report this safety concern with ministry of transport and going to submit FIR in sector 57 police station against uber. 



Thursday, September 30, 2021

5 0000 /-की पेनल्टी Employer पर लेट से फॉर्म 16 इशू करने पर (31 मई के बाद) लगनी चाहिए (अभी पेनल्टी 1 00/- per day है ) -section 272A(2)(g) of the I-T Act


Ref: PRSEC/E/2021/27666

एम्प्लायर का लेट से फॉर्म 16 इशू करना अभी फन बनकर रह गया है  क्युकि 100 /- per day ( section 272A(2)(g) of the I-T Act) की पेनलिटी एम्प्लॉयीर के लिए कुछ भी नहीं  और इस बीच  फाइनेंसियल फिगर की एडजस्ट करने का टाइम employer को मिल जाता है।  एम्प्लायर पिछले साल ही अपने  एक्सपेंसेस  में टैक्स बेनिफिट ले चूका होता है। 


इनकम टैक्स रूल में कमी की वजह से टैक्स चोरी , भारत में करप्शन में बढ़ावा हो रहा है , टेक्निकल कमी के चलते एम्प्लोयी का हरस्मेंट होता हे और उस पैर देर से इनकम टैक्स भरने पैर पेनल्टी लगती है।

अगर  employee  लेट से इनकम टैक्स रेतुर्न भरे  तो 10000 /-  पेनल्टी after  due date, पर यदि employer  लेट से फॉर्म 16  इशू करे आफ्टर 31  मई  तो केवल 1 00/- पेनल्टी -section 272A(2)(g) of the I-T Act

WHAT IF THE EMPLOYER DOES NOT PROVIDE FORM 16?


5 0000 /-की पेनल्टी Employer पर लेट से फॉर्म 16 इशू करने पर (31 मई के बाद) लगनी चाहिए (अभी पेनल्टी 1 00/- per day है ) -section 272A(2)(g) of the I-T Act

Every employee has the right to obtain the TDS certificate, i.e., the Form 16, from her employer. And according to section 203 of the I-T Act, if tax was deducted on the employee’s income, the employer has to furnish Form 16.

The Act further stipulates that the employer should issue the forms by 31 May after the end of the relevant financial year in which the income was paid and tax deducted. And if the forms are not issued by then,


Penalty on Employer

under section 272A(2)(g) of the I-T Act, the employer is liable to pay a penalty of 100 per day of default till it issues the form.

If there was no TDS on the income, then the employer can decline to issue the form of that employee.


What Employee can do?


Employees can approach the accessing officer (AO), under whose jurisdiction she has to file her ITR, and give a written complaint against the defaulting employer. Based on the complaint, the AO may take appropriate action or initiate penalty proceedings against the employer.

दूसरा सबसे बड़ा करप्शन का कारण है Income tax Salary due bases rule में पेमेंट करने की तारीख 30 दिन से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इस रूल की टेक्निकल कमी का फायदा उठा कर एम्प्लॉयीर सैलरी रोक लेता है। उसका टैक्स बेनिफिट भी इनकम टैक्स में ले लेता है और इस बात का कोई ट्रैक नहीं होता की सच में एम्प्लॉयीर ने यह पेमेंट बाद में किया या नहीं।

Tuesday, September 7, 2021

स्वयं सहायता समूहों के लिए विशेष ऑनलाइन प्लेटफॉर्म

केंद्र सरकार अब बहनों के स्वयं सहायता समूहों के लिए विशेष ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बनाने वाली है।

इस माध्यम से हमारी बहनें, देश और दुनिया में अपने उत्पादों को बेच पाएंगी।

सेब, संतरा, किन्नु, मशरूम, टमाटर, ऐसे अनेक उत्पादों की हिमाचल की बहनें  देश के कोने-कोने में पहुंचा पाएंगी: PM

National Digital Educational Architecture N-DEAR

शिक्षा में असमानता को खत्म करके उसे आधुनिक बनाने में National Digital Educational Architecture यानी, N-DEAR की भी बड़ी भूमिका होने वाली है।

जैसे UPI इंटरफेस ने बैंकिंग सेक्टर को revolutionize किया है, वैसे ही N-DEAR सभी academic activities के बीच एक सुपर कनेक्ट का काम करेगा: PM

निष्ठा’ ट्रेनिंग प्रोग्राम्स के जरिए देश अपने टीचर्स को इन्हीं बदलावों के लिए तैयार कर रहा है pm

तेजी से बदलते इस दौर में हमारे शिक्षकों को भी नई व्यवस्थाओं और तकनीकों के बारे में तेजी से सीखना होता है।

Saturday, August 28, 2021

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को शोध और नवाचार में प्रगति के पथ पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध

 रक्षा मंत्रालय ने आईडीईएक्स (इनोवेशन फॉर डिफेंस एक्सीलेंस)


उन्नत तकनीक तैयार करने की उपलब्धि- भारत एक सुपरपावर बन सकता है।
केंद्र सरकार ने 1,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।सरकार ने एयरोस्पेस व रक्षा के क्षेत्र में नवाचार व शोध के लिए भी 500 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिनसे 300 से ज्यादा स्टार्टअप कंपनियों की मदद की जा रही है।

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Friday, August 27, 2021

नेशनल पापुलेशन रजिस्टर

 नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) देश के सामान्य निवासियों का एक रजिस्टर है. इसे लोकल (गांव/छोटे शहर), उप-जिला, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया जाता है. इस कवायद को नागरिकता कानून, 1955 और सिटीजनशिप (रजिस्ट्रेशन ऑफ सिटीजन एंड इश्यू ऑफ नेशनल आईडेंटिटी कार्ड) रूल्स, 2003 के तहत अंजाम दिया जाता है.


The National Population Register (NPR) is a database of the identities of all Indian residents. The data for the creation of the NPR was collected during the General Census carried out between April and September 2010. The database is maintained by the Registrar General and Census Commissioner of India.

The census is legally backed by the Census Act, 1948. The NPR is a mechanism outlined in a set of rules framed under the Citizenship Act, 1955.

What details are required for NPR?

Name of person.
Relationship to head of household.
Father's name.
Mother's name.
Spouse's name (if married)
Sex.
Date of Birth.
Marital status.


It is compulsory for every usual resident of India to register in the NPR. This includes both Indian citizens as well as a foreign citizen. The objective of the NPR is to create a database of every usual resident in the country.

Is NPR proof of citizenship?

National Population Register is a database of people living in India, citizens or not, but National Resgiter of Citizens is a database of Indian citizens. The NRC process demands proof of citizenship from the respondents. ... But in NPR, there is no need to provide any document.

Who maintains NRC?
Central government may maintain a “National Register of Indian Citizens”. The Registrar General India shall act as the “National Registration Authority” (and will function as the Registrar General of Citizen Registration). Incidentally, the Registrar General is also the country's Census Commissioner.