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Monday, September 28, 2020

गरमा-गरम कॉफ़ी


एक पुराना ग्रुप कॉलेज छोड़ने के बहुत दिनों बाद मिला। वे सभी अच्छे कॅरियर के साथ खूब पैसे कमा रहे थे। वे अपने सबसे फेवरेट प्रोफेसर के घर जाकर मिले।
प्रोफेसर साहब उनके काम के बारे में पूछने लगे।
धीरे-धीरे बात लाइफ में बढ़ती स्ट्रेस और काम के प्रेशर पर आ गयी। इस मुद्दे पर सभी एक मत थे कि, भले वे अब आर्थिक रूप से बहुत मजबूत हों पर उनकी लाइफ में अब वो मजा नहीं रह गया जो पहले हुआ करता था।
प्रोफेसर साहब बड़े ध्यान से उनकी बातें सुन रहे थे, वे अचानक ही उठे और थोड़ी देर बाद किचन से लौटे और बोले,
”डीयर # स्टूडेंट्स, मैं आपके लिए गरमा-गरम कॉफ़ी लेकर आया हूँ , लेकिन प्लीज आप सब किचन में जाकर अपने-अपने लिए कप्स लेते आइये।"
लड़के तेजी से अंदर गए, वहाँ कई तरह के कप रखे हुए थे, सभी अपने लिए अच्छा से अच्छा कप उठाने में लग गये, किसी ने क्रिस्टल का शानदार कप उठाया तो किसी ने पोर्सिलेन का कप सेलेक्ट किया, तो किसी ने शीशे का कप उठाया।
सभी के हाथों में # कॉफीआ गयी तो प्रोफ़ेसर साहब बोले,
"अगर आपने ध्यान दिया हो तो, जो कप दिखने में अच्छे और महंगे थे आपने उन्हें ही चुना और साधारण दिखने वाले कप्स की तरफ ध्यान नहीं दिया। जहाँ एक तरफ अपने लिए सबसे अच्छे की चाह रखना एक नॉर्मल बात है वहीँ दूसरी तरफ ये हमारी लाइफ में प्रॉब्लम्स और स्ट्रेस लेकर आता है।
फ्रेंड्स, ये तो पक्का है है कि कप चाय की क्वालिटी में कोई बदलाव नहीं लाता। ये तो बस एक जरिया है जिसके माध्यम से आप कॉफी पीते है। असल में जो आपको चाहिए था वो बस कॉफ़ी थी, कप नहीं, पर फिर भी आप सब सबसे अच्छे कप के पीछे ही गए और अपना लेने के बाद दूसरों के कप निहारने लगे।"
अब इस बात को ध्यान से सुनिये ...
"ये लाइफ कॉफ़ी की तरह है ;
हमारी # नौकरी, # पैसा, # पोजीशन, कप की तरह हैं। ये बस लाइफ जीने के साधन हैं, खुद लाइफ नहीं ! और हमारे पास कौन सा कप है ये न हमारी लाइफ को डिफाइन करता है और ना ही उसे चेंज करता है। कॉफी की चिंता करिये कप की नहीं।"
"दुनिया के सबसे खुशहाल लोग वो नहीं होते जिनके पास सब कुछ सबसे बढ़िया होता है, पर वे होते हैं, जिनके पास जो होता है बस उसका सबसे अच्छे से यूज़ करते हैं।
सादगी से जियो।
सबसे प्रेमकरो।
सबकी केयर करो। यही असली जीना है।

Saturday, September 19, 2020

मुफ्त गैस कनेक्शन 2015- 6 करोड़ से ज्यादा परिवारो को मुफ्त गैस कनेक्शन

6 करोड़ से ज्यादा परिवारो को मुफ्त गैस कनेक्शन




मुफ्त गैस कनेक्शन के बारे में 2015 में भारत में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की शुरुआत हुई थी। इस योजना के अंतर्गत, गरीब और वंचित घरों को मुफ्त गैस कनेक्शन प्रदान किया गया। यह योजना उन लोगों को लक्ष्य बनाती थी जो गैस कनेक्शन की अभावी थे और इसलिए अग्निशमन के खतरे में थे। इस योजना के तहत, सरकार ने मुख्य रूप से गरीब बालिकाओं, महिलाओं और अन्य समाज के वंचित वर्गों को लाभार्थी बनाया। यह एक प्रमुख उपाय था जो गरीब और वंचित वर्गों को स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ-साथ अधिक साफ वस्त्र खाने की संभावना देने के लिए किया गया।
 

प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की शुरुआत 1 मई 2016 को हुई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब और वंचित वर्गों को आग के खतरे से मुक्ति दिलाना और उन्हें स्वच्छ पाकिस्तान की ओर बढ़ने का एक कदम उठाना था। इस योजना के अंतर्गत, गरीब परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन प्रदान किया गया।

इस योजना में पात्रता के मानदंड कुछ ऐसे थे:

  1. योजना के तहत, भारतीय नागरिक जो बीपीएल (बीलो के आधार पर जनसंख्या) कार्ड धारक हैं, उन्हें योजना के अंतर्गत निःशुल्क गैस कनेक्शन प्रदान किया गया।

  2. योजना के अंतर्गत, कनेक्शन के लिए सिलेंडर, प्रेस्चर रेगुलेटर, स्टोव आदि की भी मुफ्त आपूर्ति की गई।

  3. इसके अलावा, योजना के तहत धारकों को सम्बंधित राज्य सरकार की तरफ से आवश्यकता होने पर वार्षिक आय सहायता भी प्रदान की गई।

यह योजना महिलाओं को विशेष ध्यान में रखते हुए शुरू की गई थी, क्योंकि उन्हें परिवार के भोजन की खास जिम्मेदारी होती है। इससे वे खाने पकाने में सुरक्षित और साफ जल प्राप्त कर सकती हैं, जो उनके स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है।

योजना के अंतर्गत अब तक लाखों गरीब परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन प्रदान किए गए हैं, जिससे उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार हुआ है और उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा भी मिली है।

 

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Tuesday, September 1, 2020

संघर्ष में आदमी अकेला होता है,सफलता में दुनिया उसके साथ होती है,जिस-जिस पर ये जग हँसा है,उसीने इतिहास रचा है…



संघर्ष में आदमी अकेला होता है,
सफलता में दुनिया उसके साथ होती है,
जिस-जिस पर ये जग हँसा है,
उसीने इतिहास रचा है…