Growth Sector India 2026
हर घर गैस पाइपलाइन (PNG) मिशन 2047
घर की लक्ष्मी खुश, तभी तो देश भी खुश
भारत के ऊर्जा अवसंरचना परिवर्तन का नया अध्याय
प्रस्तावना
भारत विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। यदि देश को वर्ष 2030 तक 10 ट्रिलियन डॉलर तथा 2047 तक 35 ट्रिलियन डॉलर विकसित भारत के लक्ष्य तक पहुँचना है, तो ऊर्जा अवसंरचना (Energy Infrastructure) को उसी गति से विकसित करना होगा।
सड़क, रेलवे, जलमार्ग, बिजली और डिजिटल नेटवर्क के साथ अब घरेलू पाइप्ड प्राकृतिक गैस (PNG) नेटवर्क भी भारत के आधारभूत ढांचे का महत्वपूर्ण स्तंभ बन सकता है।
"हर घर गैस पाइपलाइन" केवल रसोई गैस उपलब्ध कराने की योजना नहीं बल्कि महिलाओं की सुविधा, स्वच्छ ऊर्जा, Ease of Living, Ease of Doing Business तथा विदेशी निवेश को बढ़ाने वाला राष्ट्रीय मिशन बन सकता है।
भारत की वर्तमान स्थिति
भारत में City Gas Distribution (CGD) नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
सरकार द्वारा PNGRB के माध्यम से लगभग पूरे देश के अधिकांश जिलों को CGD विकास के लिए अधिकृत किया जा चुका है।
सरकार की प्रमुख पहलें
- प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना
- City Gas Distribution Network
- National Gas Grid
- One Nation One Gas Grid
- GAIL Pipeline Expansion
- Natural Gas आधारित Economy
प्रमुख चुनौतियाँ
1. बहुत धीमी PNG कनेक्शन गति
कई शहरों में वर्षों बाद भी सीमित घरों तक PNG पहुँची है।
2. स्थानीय अनुमति में देरी
- नगर निगम
- विकास प्राधिकरण
- RWA
- Builder
- Utility Agencies
इनसे अनुमति मिलने में कई महीने लग जाते हैं।
3. सड़क खुदाई के बाद खराब मरम्मत
सबसे बड़ी शिकायत यही है।
- सड़क खोद दी जाती है
- महीनों खुली रहती है
- बारिश में दुर्घटनाएँ होती हैं
4. सीमित प्रतिस्पर्धा
जहाँ केवल एक सेवा प्रदाता होता है वहाँ उपभोक्ताओं के पास विकल्प कम होते हैं। प्रतिस्पर्धा बढ़ने से सेवा गुणवत्ता, नवाचार और ग्राहक अनुभव बेहतर हो सकते हैं। हालांकि कितनी कंपनियाँ किसी शहर में व्यवहार्य होंगी, यह स्थानीय मांग, अवसंरचना और नियामक निर्णय पर निर्भर करेगा।
5. उपभोक्ता अनुभव
- लंबा इंतजार
- अस्पष्ट प्रक्रिया
- कनेक्शन शुल्क
- शिकायत निवारण की कमी
अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम उदाहरण
| देश | प्रमुख विशेषता |
|---|---|
| जापान | लगभग सभी शहरी घर पाइप गैस |
| दक्षिण कोरिया | Smart Meter आधारित Gas Network |
| UK | Open Access Distribution |
| Italy | Competitive Gas Retail Market |
| Netherlands | अत्यधिक सुरक्षित गैस नेटवर्क |
भारत के लिए नीति सुधार
1. हर घर PNG मिशन
नई कॉलोनियों एवं भवनों में PNG कनेक्शन की डिफ़ॉल्ट व्यवस्था की जाए। यदि कोई उपभोक्ता या आवासीय समूह इसे नहीं चाहता, तो उसके लिए स्पष्ट लिखित विकल्प (opt-out) की प्रक्रिया बनाई जा सकती है।
2. Gas Portability
Unique Consumer Number
मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की तरह भविष्य में उपभोक्ता गैस सप्लायर बदल सके।
3. Common Carrier Policy
Common Carrier मॉडल लागू होने से अधिकृत कंपनियाँ समान नेटवर्क का नियामकीय नियमों के तहत उपयोग कर सकें और प्रतिस्पर्धा बढ़े।
4. Competition Reform
जहाँ तकनीकी और आर्थिक रूप से संभव हो, वहाँ एक से अधिक अधिकृत आपूर्तिकर्ताओं को अवसर देकर प्रतिस्पर्धा बढ़ाई जाए।
5. 15 दिन Approval Rule
- Road Cutting
- Society Permission
- Government Clearance
सभी के लिए समयबद्ध Single Window System।
6. Road Restoration Authority
Mini PWD मॉडल
- 15 दिन में मरम्मत
- डिजिटल निरीक्षण
- GPS आधारित Monitoring
7. Cost Recovery Model
ग्राहकों पर प्रारंभिक वित्तीय बोझ कम करने हेतु:
- सुरक्षा राशि किस्तों में
- इंस्टॉलेशन लागत की आसान EMI
- पारदर्शी बिलिंग
8. Performance Linked Penalty
यदि अधिकृत कंपनी समयबद्ध लक्ष्य पूरे न करे या सड़क मरम्मत में देरी हो तो नियामकीय प्रावधानों के अनुसार दंड एवं जवाबदेही तय की जा सकती है।
कार्यान्वयन योजना
Phase 1 (2026–2030)
- सभी Tier-1 शहर
- Smart Meter
- GIS Mapping
- डिजिटल अनुमति प्रणाली
Phase 2 (2030–2035)
- Tier-2 एवं Tier-3 शहर
- औद्योगिक क्लस्टर
- पाइपलाइन विस्तार
Phase 3 (2035–2040)
- ग्रामीण विस्तार
- PNG + Biogas + Hydrogen Ready नेटवर्क
Phase 4 (2040–2047)
- Universal PNG Coverage
- Smart Gas Grid
- AI आधारित Leak Detection
अनुमानित निवेश
| क्षेत्र | अनुमानित निवेश |
|---|---|
| City Gas Distribution | ₹8–10 लाख करोड़ |
| National Gas Grid | ₹3–4 लाख करोड़ |
| Smart Meter | ₹1 लाख करोड़ |
| Industrial Pipeline | ₹3–4 लाख करोड़ |
| Hydrogen Ready Infrastructure | ₹2–3 लाख करोड़ |
कुल संभावित निवेश (दीर्घकालिक): ₹17–21 लाख करोड़ (लगभग ₹20 लाख करोड़ का अवसर)। यह एक संभावित नीति-आधारित अनुमान है, आधिकारिक सरकारी लक्ष्य नहीं।
GDP पर प्रभाव
संभावित लाभ:
- ऊर्जा लागत में कमी
- उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता
- स्वच्छ ईंधन का उपयोग
- आयातित तरल ईंधन पर निर्भरता में कमी
- निर्माण एवं सेवा क्षेत्र में वृद्धि
दीर्घकाल में यह भारत की उत्पादकता और GDP वृद्धि में सकारात्मक योगदान दे सकता है, हालांकि सटीक प्रभाव अनेक आर्थिक कारकों पर निर्भर करेगा।
रोजगार
संभावित रोजगार
- Pipeline Construction
- Civil Engineering
- Mechanical
- Gas Technicians
- Smart Meter Manufacturing
- IoT
- GIS
- Maintenance
लाखों प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हो सकते हैं।
FDI अवसर
निवेश के प्रमुख क्षेत्र
- पाइप निर्माण
- वाल्व
- स्मार्ट मीटर
- SCADA
- AI Monitoring
- Leak Detection
- Hydrogen Infrastructure
- LNG
- City Gas Distribution
सामाजिक प्रभाव
- महिलाओं का समय बचेगा।
- सिलेंडर ढोने की आवश्यकता कम होगी।
- घरों में स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध होगी।
- इनडोर वायु प्रदूषण में कमी आएगी।
- जीवन स्तर और सुरक्षा में सुधार होगा।
Vision Targets
| वर्ष | लक्ष्य |
|---|---|
| 2030 | सभी बड़े शहरों में व्यापक PNG नेटवर्क |
| 2035 | अधिकांश शहरी परिवारों तक पहुँच |
| 2040 | ग्रामीण विस्तार एवं स्मार्ट गैस ग्रिड |
| 2047 | विकसित भारत के अनुरूप सार्वभौमिक, सुरक्षित और डिजिटल गैस वितरण व्यवस्था |
सफलता के KPIs
- नए PNG कनेक्शन
- पाइपलाइन लंबाई
- कनेक्शन समय
- सड़क मरम्मत समय
- ग्राहक संतुष्टि
- गैस रिसाव घटनाएँ
- औद्योगिक गैस उपयोग
- स्वच्छ ईंधन का प्रतिशत
मंत्रालयवार जिम्मेदारी
- पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
- PNGRB
- GAIL
- राज्य सरकारें
- नगर निगम
- NHAI
- CPWD
- NBCC
- निजी CGD कंपनियाँ
नागरिक सहभागिता
- मोबाइल ऐप शिकायत प्रणाली
- GIS आधारित ट्रैकिंग
- ऑनलाइन अनुमति
- RWA सहभागिता
- सोशल ऑडिट
जोखिम एवं शमन
| जोखिम | समाधान |
|---|---|
| सड़क क्षति | समयबद्ध रोड रिस्टोरेशन |
| अनुमति में देरी | Single Window Clearance |
| सुरक्षा | AI आधारित मॉनिटरिंग |
| एकाधिकार | नियामकीय प्रतिस्पर्धा और Common Carrier नीति |
| परियोजना विलंब | KPI आधारित अनुबंध |
Title
Growth Sector India 2026: हर घर गैस पाइपलाइन (PNG) मिशन 2047 | भारत की ऊर्जा क्रांति, FDI और GDP विकास
Description
जानिए कैसे हर घर गैस पाइपलाइन (PNG), City Gas Distribution, National Gas Grid, Vision 2030 और Vision 2047 भारत की अर्थव्यवस्था, FDI, रोजगार, Ease of Doing Business और स्वच्छ ऊर्जा को नई दिशा दे सकते हैं।
FAQ
Q1. PNG और LPG में क्या अंतर है?
PNG पाइपलाइन से आने वाली प्राकृतिक गैस है, जबकि LPG सिलेंडर में आपूर्ति की जाने वाली द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस है।
Q2. क्या PNG अधिक सुरक्षित है?
उचित मानकों, नियमित रखरखाव और सुरक्षा उपकरणों के साथ PNG को सुरक्षित घरेलू ईंधन माना जाता है।
Q3. City Gas Distribution क्या है?
यह शहरों में पाइपलाइन के माध्यम से घरों, उद्योगों और CNG स्टेशनों तक प्राकृतिक गैस पहुँचाने की प्रणाली है।
Q4. Common Carrier Policy क्या है?
यह ऐसा नियामकीय ढाँचा है जिसमें निर्धारित शर्तों के तहत एक पाइपलाइन नेटवर्क का उपयोग एक से अधिक अधिकृत कंपनियाँ कर सकती हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा और उपभोक्ता विकल्प बढ़ सकते हैं।
विश्वसनीय संदर्भ
- भारत सरकार – पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
- PNGRB (Petroleum and Natural Gas Regulatory Board)
- PIB (Press Information Bureau)
- GAIL (India) Ltd.
- NITI Aayog
- International Energy Agency (IEA)
- World Bank
- IMF
- OECD
- United Nations Sustainable Development Goals (SDG 7 – Affordable and Clean Energy)
LPG पाइपलाइन परियोजना 2025-26 भारत के हर घर गैस पाइपलाइन। - घर की लक्ष्मी खुश तभी तो देश भी खुश , India आधारभूत ढांचे पर जोर भारत
आधारभूत ढांचे पर जोर भारत
2026 भारत के हर घर गैस पाइपलाइन।-
Scope of 20 Thousand Billion FDI Investment opportunity
हर घर गैस पाइपलाइन घर की लक्ष्मी खुश तभी तो देश भी खुश
How can Modi Government achieve USD 5 trillion Economy in coming 2 years?
Who are creating hindrance in modi / Khattar government plan for achieve USD 5 trillion Economy in coming years?
Reference
Will expand PNG service to all parts of Gurgaon soon: HCG
No monopoly, free PNG for competition: Gurgaon residents
https://timesofindia.indiatimes.com/city/gurgaon/piped-gas-connection-remains-a-pipe-dream/articleshow/62075486.cms
Indraprastha Gas gets license to retail CNG, PNG in GurugramLPG (Liquefied Petroleum Gas) पाइपलाइन परियोजना भारत में एक महत्वपूर्ण योजना है जो LPG को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए शुरू की गई है। यह योजना लगातार बढ़ती जनसंख्या के साथ-साथ ऊर्जा सुरक्षा के माध्यम से भारतीय गाँवों और शहरों में शुद्ध और सस्ती ऊर्जा पहुंचाने का उद्देश्य रखती है। इस परियोजना के माध्यम से, लक्ष्य है कि भारतीय नागरिकों को दैनिक जीवन में सुरक्षित और सुविधाजनक LPG सप्लाई प्राप्त हो।
पाइपलाइन परियोजना की शुरुआत:
LPG पाइपलाइन परियोजना की शुरुआत भारत सरकार द्वारा दिसंबर 2015 में की गई थी। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य था गाँवों और शहरों में LPG की पहुंच को बढ़ावा देना। इसके माध्यम से, भारतीय नागरिकों को दैनिक उपयोग के लिए सस्ती, सुरक्षित, और साफ LPG प्राप्त करने का लक्ष्य था।
पाइपलाइन परियोजना के मुख्य लाभ:
सुरक्षित ऊर्जा सप्लाई: LPG पाइपलाइन परियोजना के माध्यम से, गाँवों और शहरों में लगभग 24x7 सुरक्षित और सुविधाजनक LPG सप्लाई उपलब्ध होती है।
पर्यावरण संरक्षण: LPG पाइपलाइन परियोजना के माध्यम से, बेहतर उर्जा प्रबंधन के लिए पर्यावरण की सुरक्षा में सुधार होता है।
बेहतर वायवीय गुणवत्ता: लोगों को लगभग स्थाई सप्लाई द्वारा सुरक्षित और सस्ती LPG उपलब्ध होती है, जिससे घरेलू चूल्हों का उपयोग करने से वायवीय प्रदूषण में कमी होती है।
पाइपलाइन परियोजना के मुख्य प्रकार:
ग्रामीण LPG पाइपलाइन परियोजना (ग्रामीण LPG पाइपलाइन योजना): यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में LPG पाइपलाइन संरचना के लिए है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 2 करोड़ ग्राहकों को LPG सप्लाई की सुविधा प्रदान करना है।
शहरी LPG पाइपलाइन परियोजना (शहरी LPG पाइपलाइन योजना): यह योजना शहरी क्षेत्रों में LPG पाइपलाइन संरचना के लिए है। इसका मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में लगभग 1 करोड़ ग्राहकों को LPG सप्लाई की सुविधा प्रदान करना है।
LPG पाइपलाइन परियोजना का लाभ:
आर्थिक उपाय: LPG पाइपलाइन परियोजना के माध्यम से, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को सस्ती और सुरक्षित ऊर्जा पहुंचने का लाभ होता है।
पर्यावरण संरक्षण: LPG पाइपलाइन परियोजना के माध्यम से, घरेलू चूल्हों का उपयोग करने से वायवीय प्रदूषण में कमी होती है, जिससे पर्यावरण को संरक्षित करने में मदद मिलती है।
समाजिक लाभ: LPG पाइपलाइन परियोजना के माध्यम से, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को सस्ती और सुरक्षित ऊर्जा प्राप्त होती है, जिससे उनका जीवन सुविधाजनक होता है।
समापन:
LPG पाइपलाइन परियोजना भारत में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सस्ती, सुरक्षित, और स्वच्छ LPG सप्लाई प्रदान करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इस परियोजना के माध्यम से, भारतीय नागरिकों को विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर ऊर्जा प्रबंधन की सुविधा प्रदान की जा रही है। यह योजना समृद्धि, सामाजिक समावेश, और पर्यावरण संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) पाइपलाइन परियोजनाएं भारत में ऊर्जा वितरण के बुनियादी ढांचे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। यह परियोजनाएं देश के भीतर एलपीजी की सुरक्षित, कुशल और आर्थिक रूप से प्रभावी आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाई गई हैं। देश में एलपीजी पाइपलाइन परियोजनाओं को प्रभावी ढंग से कार्यान्वित करने और ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाने के लिए नीति स्तर पर सुधार और नई नीतियों की आवश्यकता है। यहाँ इस विषय पर विस्तार से चर्चा की गई है।
एलपीजी पाइपलाइन परियोजना की मौजूदा स्थिति
भारत में एलपीजी की मांग तेजी से बढ़ रही है, विशेषकर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में। वर्तमान में, एलपीजी वितरण मुख्य रूप से सिलेंडरों के माध्यम से किया जाता है, लेकिन पाइपलाइनों के माध्यम से एलपीजी की आपूर्ति एक अधिक सुरक्षित और सतत समाधान हो सकता है। एलपीजी पाइपलाइन परियोजनाओं की मौजूदा स्थिति में निम्नलिखित प्रमुख पहलू शामिल हैं:
1. समीक्षाधीन परियोजनाएँ: भारत में वर्तमान में कई एलपीजी पाइपलाइन परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं, जैसे कोच्चि-मैंगलोर एलपीजी पाइपलाइन, परादीप-हैदराबाद एलपीजी पाइपलाइन आदि। इन परियोजनाओं का उद्देश्य विभिन्न शहरों और कस्बों में एलपीजी की आपूर्ति को सुचारू और सस्ती बनाना है।
2. सुरक्षा और पर्यावरणीय मुद्दे: एलपीजी पाइपलाइन परियोजनाओं में सुरक्षा और पर्यावरणीय प्रभाव एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय है। दुर्घटनाओं को रोकने और पर्यावरणीय नुकसान को कम करने के लिए सख्त सुरक्षा मानकों का पालन किया जाना चाहिए।
3. लॉजिस्टिक्स और वितरण: एलपीजी पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाना एक प्रमुख चुनौती है। यह सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी लॉजिस्टिक्स और वितरण नेटवर्क की आवश्यकता है कि देश के सभी हिस्सों में एलपीजी की निरंतर आपूर्ति हो सके।
नीति स्तर पर सुधार की आवश्यकता
एलपीजी पाइपलाइन परियोजनाओं की प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए नीति स्तर पर कुछ महत्वपूर्ण सुधार किए जा सकते हैं:
1. नियामक ढांचे का सुदृढ़ीकरण: एलपीजी पाइपलाइन परियोजनाओं के लिए एक सशक्त और स्पष्ट नियामक ढांचा विकसित करना आवश्यक है, जिसमें सुरक्षा मानकों, परियोजना स्वीकृति प्रक्रियाओं, और संचालन के दिशा-निर्देशों को सख्त किया जाए।
2. पर्यावरणीय स्वीकृतियों को सरल बनाना: पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रियाओं को सरल और त्वरित बनाना आवश्यक है, ताकि परियोजनाओं में अनावश्यक देरी से बचा जा सके और उन्हें समय पर पूरा किया जा सके।
3. सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) को प्रोत्साहन: एलपीजी पाइपलाइन परियोजनाओं में सार्वजनिक-निजी भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए नीतियां बनाई जानी चाहिए, ताकि निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता और निवेश को इस क्षेत्र में लाया जा सके।
4. ग्रामीण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित: ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में एलपीजी पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार के लिए विशेष प्रोत्साहन और सहायता प्रदान की जानी चाहिए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी की उपलब्धता बढ़ेगी और जैव ईंधन पर निर्भरता कम होगी।
5. सुरक्षा और मानकीकरण: एलपीजी पाइपलाइन निर्माण और संचालन के लिए सख्त सुरक्षा मानकों और मानकीकरण प्रक्रियाओं का पालन करना आवश्यक है। यह दुर्घटनाओं को रोकने और उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेगा।
नई नीतियों के प्रस्ताव
एलपीजी पाइपलाइन परियोजनाओं को बढ़ावा देने और उनके कुशल कार्यान्वयन के लिए कुछ नई नीतियों का प्रस्ताव किया जा सकता है:
1. राष्ट्रीय एलपीजी पाइपलाइन नेटवर्क नीति: एक समग्र राष्ट्रीय एलपीजी पाइपलाइन नेटवर्क नीति विकसित की जा सकती है, जो पूरे देश में पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार, संचालन, और रखरखाव को निर्देशित करे। इस नीति में पाइपलाइन परियोजनाओं के लिए दीर्घकालिक योजना, निवेश मॉडल, और सुरक्षा मानकों को शामिल किया जा सकता है।
2. सुरक्षा सुधार और निगरानी: एलपीजी पाइपलाइन की सुरक्षा और निगरानी को सुदृढ़ करने के लिए एक व्यापक सुरक्षा नीति लागू की जा सकती है, जिसमें नियमित निरीक्षण, रिसाव की रोकथाम के उपाय, और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को शामिल किया जाए।
3. इको-फ्रेंडली टेक्नोलॉजी: एलपीजी पाइपलाइन परियोजनाओं में पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के लिए इको-फ्रेंडली तकनीकों और प्रक्रियाओं को अपनाने के लिए प्रोत्साहन प्रदान किया जा सकता है। यह नीति एलपीजी पाइपलाइन बिछाने के दौरान पर्यावरणीय स्थिरता को सुनिश्चित करने में मदद करेगी।
4. वित्तीय प्रोत्साहन: एलपीजी पाइपलाइन परियोजनाओं के लिए विशेष वित्तीय प्रोत्साहन जैसे कि टैक्स में छूट, सस्ती ऋण सुविधाएं, और सब्सिडी की व्यवस्था की जा सकती है। इससे निवेशकों को इस क्षेत्र में निवेश करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
5. स्थानीय समुदायों की भागीदारी: एलपीजी पाइपलाइन परियोजनाओं के विकास और संचालन में स्थानीय समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए नीतियां विकसित की जा सकती हैं। इससे परियोजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी, और परियोजना से प्रभावित होने वाले समुदायों के साथ विश्वास निर्माण होगा।
6. पाइपलाइन डेटा और सूचना प्रबंधन: एलपीजी पाइपलाइन नेटवर्क का बेहतर प्रबंधन करने के लिए एक केंद्रीकृत डेटा और सूचना प्रबंधन प्रणाली स्थापित की जा सकती है। यह प्रणाली परियोजनाओं की प्रगति, सुरक्षा, और संचालन संबंधी सूचनाओं को रिकॉर्ड और विश्लेषण करने में मदद करेगी।
निष्कर्ष
एलपीजी पाइपलाइन परियोजनाओं के विकास के लिए नीति सुधार और नई नीतियों की आवश्यकता है, जिससे यह क्षेत्र भारत की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे सके। सुरक्षा मानकों का सुदृढ़ीकरण, सार्वजनिक-निजी भागीदारी का प्रोत्साहन, और ग्रामीण क्षेत्रों में पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार जैसे सुधारों से एलपीजी पाइपलाइन परियोजनाओं की प्रभावशीलता और स्थिरता में वृद्धि होगी।
नई नीतियों के कार्यान्वयन से न केवल एलपीजी की उपलब्धता में सुधार होगा, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जा सकेगा कि देश भर में ऊर्जा की आपूर्ति सुरक्षित, कुशल और पर्यावरणीय दृष्टि से अनुकूल हो।
प्रधानमंत्री
विजयपुर-औरैया-फूलपुर पाइपलाइन परियोजना राष्ट्र को समर्पित करेंगे। 352
किलोमीटर लंबी पाइपलाइन 1750 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाई गई है। प्रधानमंत्री मुंबई नागपुर झारसुगुड़ा पाइपलाइन परियोजना के नागपुर-जबलपुर खंड (317 किमी) की आधारशिला भी रखेंगे। यह परियोजना 1100 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत से बनेगी। गैस
पाइपलाइन परियोजनाओं से उद्योगों और वहां रहने वाले लोगों को स्वच्छ और
सस्ती प्राकृतिक गैस मिल सकेगी। इसके साथ ही इससे पर्यावरण उत्सर्जन को कम
करने में सफलता मिलेगी। प्रधानमंत्री जबलपुर में करीब 147 करोड़ रुपये की लागत से बने नये बॉटलिंग प्लांट का भी लोकार्पण
Petroleum & Natural Gas Budget 2021-22 Extention of Ujjwala Scheme to cover 1 crore more beneficiaries To add 100 more districts to the City Gas Distribution network in next 3 years A new gas pipeline project in J&K An independent Gas Transport System Operator to be set up for facilitation and coordination of booking of common carrier capacity in all-natural gas pipelines on a non-discriminatory open access basis
Steps by Government for Door-to-Door gas supply through pipeline
Providing Piped Natural Gas (PNG) connections is a part of the development of City Gas Distribution (CGD) network and the same is carried out by the entities authorised by Petroleum and Natural Gas Regulatory Board (PNGRB). PNGRB has authorized 307 Geographical Areas (GAs) covering almost 100% of total geographical area of the country spread over around 733 districts in 34 states/UTs for the development of CGD network. PNGRB has authorised 11 Geographical Areas (GAs) (including 3 GAs spread over Bihar and Jharkhand) covering entire state of Jharkhand for development of CGD network.
Government has taken various steps to enable growth of CGD sector in the country. These interalia include
- allocating domestic natural gas to CGD sector
- notification for supply of domestic gas through available mode (including cascade mode) for PNG purpose.
- Grant of Public Utility Status to CGD Projects.
- Guidelines for the use of PNG in Defence residential area/unit lines.
- Guidelines to Public Sector Enterprises to have provisions of PNG in their respective residential complexes.
- CPWD and NBCC to have provisions of PNG in all Government Residential Complexes.
In addition, Government conducts regular interactions and meetings with State Governments for the development of CGD network in respective States and address challenges in this regard.
Ref: PIB/2099188

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