Total Pageviews

Monday, February 8, 2021

16 digit unique ID for land in India जमीन धोखाधड़ी रकने का एक सार्थक प्रयास।

16 digit unique ID for land in India जमीन धोखाधड़ी रकने का एक सार्थक प्रयास।

Ref Hindustan 7 feb 2021

Tuesday, February 2, 2021

Company Matters -One Person Companies (OPCs)-Allowing their conversion into any other type of company at any time

To decriminalize the Limited Liability Partnership (LLP) Act, 2008 Easing Compliance requirement of Small companies by revising their definition under Companies Act, 2013 by increasing their thresholds for Paid up capital from “not exceeding Rs. 50 Lakh” to “not exceeding Rs. 2 Crore” and turnover from “not exceeding Rs. 2 Crore” to “not exceeding Rs. 20 Cr”. Promoting start-ups and innovators by incentivizing the incorporation of One Person Companies (OPCs): Allowing their growth without any restrictions on paid up capital and turnover Allowing their conversion into any other type of company at any time, Reducing the residency limit for an Indian citizen to set up an OPC from 182 days to 120 days and Allowing Non Resident Indians (NRIs) to incorporate OPCs in India.

One Nation One Ration Card

 

 

scheme for beneficiaries to claim rations anywhere in the country - migrant workers to benefit the most Scheme implementation so far covered 86% of beneficiaries across 32 States and UTs Remaining 4 states to be integrated in next few months

 

Wednesday, January 13, 2021

कर चोरी .. ब्लैक मनी - बेनामी संपत्ति के मामले में एक करोड़ रुपये और विदेशों में कालाधन रखने सहित अन्य कर चोरी के मामले में पांच करोड़ रुपये तक का पुरस्कार -आयकर विभाग

कर चोरी .. ब्लैक मनी


आयकर विभाग ने एक नई ‘ऑनलाइन’ सुविधा शुरू की है जिसके माध्यम से कोई भी किसी व्यक्ति अथवा कंपनी की विदेशों में अवैध संपत्ति, बेनामी संपत्ति अथवा कर चोरी के बारे में सरकार को जानकारी दे सकता है। केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने मंगलवार को यह कहा। सीबीडीटी ने कहा है कि उसके ई-फाइलिंग पोर्टल https://www.incometaxindiaefiling.gov.in पर सोमवार को ‘कर चोरी अथवा बेनामी संपत्ति होल्डिंग की जानकारी देने संबंधी’ लिंक को चालू कर दिया गया है।

इस सुविधा के तहत स्थायी खाता संख्या (पैन) अथवा आधार नंबर रखने वाला या फिर ऐसा व्यक्ति जिसके पास पैन अथवा आधार नहीं भी है वह शिकायत दायर कर सकता है। इस ऑनलाइन सुविधा में ओटीपी आधारित वैद्यीकरण प्रक्रिया के तहत कोई भी आयकर कानून 1961 के उल्लंघन, अघोषित संपत्ति कानून और बेनामी लेनदेन बचाव कानून के तहत तीन अलग अलग फॉर्म में शिकायत दर्ज की जा सकती है।

5 करोड़ रुपये का इनाम
शिकायत दर्ज होने के बाद विभाग प्रत्येक शिकायत के लिए एक विशिष्ट नंबर देगा और उससे शिकायतकर्ता वेबलिंक पर उसके द्वारा की गई शिकायत पर होने वाले कार्रवाई की स्थिति देख सकेगा। इस नई सुविधा में कोई भी व्यक्ति ‘मुखबिर अथवा भेदिया’ भी बन सकता है और वह इनाम पाने का भी हकदार होगा। वर्तमान में लागू योजना के मुताबिक बेनामी संपत्ति के मामले में एक करोड़ रुपये और विदेशों में कालाधन रखने सहित अन्य कर चोरी के मामले में कुछ शर्तों के साथ पांच करोड़ रुपये तक का पुरस्कार दिए जाने का प्रावधान है।

https://navbharattimes.indiatimes.com/business/business-news/if-you-know-black-money-holders-complaint-here-and-get-rs-5-crore-reward/articleshow/80242850.cms

Monday, January 4, 2021

NPS subscribers can now use online mode to exit the scheme.Pension fund regulator Pension Fund Regulatory and Development Authority (PFRDA), on Wednesday, said the subscribers can now use online mode to exit the National Pension System (NPS)

Pension fund regulator Pension Fund Regulatory and Development Authority (PFRDA), on Wednesday, said the subscribers can now use online mode to exit the National Pension System (NPS)


https://www.timesnownews.com/amp/business-economy/personal-finance/article/nps-subscribers-can-now-use-online-mode-to-exit-the-scheme-here-s-how/701166

Now in addition to the existing offline process as mentioned above, the subscribers shall also have an online option to submit the withdrawal documents and authorizing their withdrawal request by using OTP/e-sign to make the process seamless in a paperless manner.


Sunday, November 22, 2020

फोन काल से पहले के विज्ञापन कैसे जानलेवा है।

किसी इमरजेंसी सिचुऐसन में फोन कॉल करने पर फोन पर विज्ञापन सुनने से ज्यादा बात होना कितना जरुरी है देखें - 

1. एक अकेली लड़की अपराधियों के चंगुल में फंसी उसे 5 सेकण्ड का वक्त मिला फोन करने का, लेकिन वो फोन नहीं कर पाई वो सिर्फ विज्ञापन ही सुन पाई ! 

2. कोई इंसान आपकी पहचान वाला बाइक से अपने परिवार को साथ कहीं जा रहा है, और आपकी नजर पड़ जाती है कि पीछे बैठी महिल का दुपट्टा बाइक के पहिये में फंसने ही वाला है, आपने आगाह करने के लिये फोन किया, लेकिन  फोन पर विज्ञापन ही बजता रहा, और जब फोन लगा तब तक देर हो गई !! 

2. एक अपराधी किसी के घर के सदस्यों को घायल करके बच्चे का अपहरण करके भाग रहा है, पड़ोसी ने मदद के लिये फोन किया, फोन नहीं लगा, फोन पर विज्ञापन ही चलता रहा, इतने में अपराधी फरार हो गया !! 

3. एक डंपर का पीछे का डाला अपने आप उठने लगा, पीछे पीछे गाड़ी मालिक था, मालिक ने ड्राइवर को फोन किया फोन नहीं लगा, विज्ञापन ही चलता रहा, परिणाम ये हुआ कि डंपर का डाला पूरी तरह ऊपर उठ गया और हाईटेंशन लाइन से टकरा गया और बड़ी दुर्घटना हो गई !! 

ऐसी एक हजार सिचुऐसन हैं जब जीवन बचाने के लिये जो विज्ञापन चलाया जा रहा है वो कैंसे जानलेवा साबित हो रहा है !! 

आपको उचित लगे तो कृपया फोन काल से पहले के विज्ञापन हटवाने के लिये मुहिम को व्यापक बनाऐं..

Sunday, November 15, 2020

नए रोजगार सृजन योजना - 2 साल तक EPF का पैसा भारत सरकार भरेगी।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण । 13 नवम्बर 2020
अगले दो साल तक कंपनी ओर कर्मचारी द्वारा  EPF में दिया जाने वाला पैसा सरकार भरेगी।
नई भर्तीया करने वाले संस्थानों EPF में सब्सिडी दी जाएगी।
15000/- से कम वेतन पाने वालों को इस स्कीम का लाभ मिलेगा।


दुर्गा शक्ति aap महिलाए मोबाइल में इस app को डाउनलोड कर ले सकती है पुलिस से मदद। हरयाणा पुलिस का उत्तम प्रयास।

दुर्गा शक्ति app महिलाए मोबाइल में इस app को डाउनलोड कर ले सकती है पुलिस से मदद। 


Promote safety and empowerment of women in the State, Haryana

The App enables any woman/girl in distress to
seek immediate help of the Police in case of any emergency. Any
woman/girl can download the App and register herself. In case of need,
when she presses the “Alert” button on the App, the Woman Helpline
unit of the district Police will know the location and relevant details of the
victim woman/ girl and immediately respond based on the situation.

Thursday, October 22, 2020

808. Critics, Penalty on Employer on non payment of Gratuity or Harassments of employee gratuity settlement.- यदि कोई कंपनी ग्रेच्युटी देने से मना करे तो क्या करें

उपदान संदाय अधिनियम 1972 (Payment of Gratuity Act, 1972)

उपदान संदाय अधिनियम को 10 से अधिक कर्मचारियों की किसी भी संस्था संगठन पर आवश्यक रूप से लागू किया है।

Gratuity : नौकरी पेशा व्यक्तियों को रिटायरमेंट या बीमारी के कारण नौकरी नहीं कर पाने के कारण एक निश्चित धनराशि दी जाती है। यह धनराशि उस नियोजक द्वारा दी जाती है जिस नियोजक के पास में व्यक्ति नौकरी कर रहा था।


Penalty on Employer on non Payment of Gratuity or Harassments of employee for settlement of Gratuity

अधिनियम की धारा 9 के अंतर्गत कुछ अपराध हैं। उनके दंड भी रखे गए यदि कोई नियोजक इस अधिनियम के अंतर्गत बताए गए उपदान का संदाय करने से बचता है या बचने का प्रयास करता है जब कोई ऐसी विवेचना बनाता है, जिससे वह उपदान का संदाय करने से बच जाए तो यह इस अधिनियम के अंतर्गत अपराध है इसके लिए 6 माह तक का कारावास रखा गया है।

किसी कर्मचारी को उपदान किए जाने के संबंध में कोई नुकसान पहुंचाया जाए तो ऐसी परिस्थिति में 1 वर्ष तक का कारावास रखा गया है। ऐसा कारावास नियोजक यानी संस्था के कर्ताधर्ता को दिया जाएगा।

Time for Gratuity Settlement by Employer - 30 Days


अधिनियम के अंतर्गत उपदान का संदाय करने हेतु नियोजक को 30 दिन का समय दिया गया है। कर्मचारी जिस दिन से उपदान के संदाय हेतु आवेदन जमा करता है उससे 30 दिन की अवधि के भीतर नियोजक को उपदान का संदाय कर देना चाहिए। यदि वह उपदान का संदाय इस समय अवधि के भीतर नहीं करता है। उसके बाद कुछ समय और लेता है तो ऐसी परिस्थिति में नियोजक को कर्मचारी को एक निश्चित दर से ब्याज देना होगा।


Employee क्या कर सकता हैं  यदि  Employer  Gratuity settlement करने  में  दिक़्क़्क़त  करे 


यदि कोई कंपनी ग्रेच्युटी देने से मना करे तो क्या करें

उस क्षेत्र के भीतर, जहां कंपनी का ऑफिस स्थित है, के पास ग्रेच्युटी भुगतान प्राधिकरण या केंद्रीय श्रम आयुक्त के पास सभी जरूरी कागजात भेजकर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके अलावा पीड़ित व्यक्ति न्याय पाने के लिए अपने वकील के माध्यम से पूर्व ऑफिस को नोटिस भेजे और श्रम न्यायालयों (Labour Courts) में मुकदमा दर्ज कराये। जिस दिन कर्मचारी ग्रेच्युटी निकालने के लिए आवेदन करता है उस तारिख से 30 दिन के अन्दर उसे भुगतान मिल जाना चाहिए। यदि कंपनी ऐसा नही करती है तो उसे ग्रेच्युटी राशि पर साधारण ब्याज की दर से ब्याज का भुगतान करना होगा. यदि कंपनी ऐसा नही करती है तो उसे ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम,1972 (Payment of Gratuity Act,1972) के उल्लंघन का दोषी माना जायेगा जिसमे उसे 6 महीने से लेकर 2 साल तक की सजा हो सकती है।

Gratuity की वसूली कैसे  होती  है। 


यदि कर्मचारी द्वारा नियोजक को उपदान के संदाय हेतु आवेदन किया जाता है और नियोजक कर्मचारी को उपदान का संदाय नहीं करता है। ऐसी परिस्थिति में नियोजक की शिकायत यदि नियंत्रक अधिकारी को की जाती है तो वह प्राधिकारी जिले के कलेक्टर को यह प्रमाण पत्र जारी करेगा कि वह भू राजस्व की वसूली की तरह ग्रेज्युटी की रकम को वसूल करें तथा वसूल करके उस रकम को कर्मचारी को प्रदान करे।


सामाजिक सुरक्षा संहिता 2019 (Social Security 2019)  चैप्टर 5 : 

सामाजिक सुरक्षा संहिता में कहा गया है कि कर्मचारी के हर पूर्ण साल की सर्विस पर ग्रैच्युटी 15 दिन की सैलरी पर आधारित होती है. हर पूरे साल या 6 महीने से ज्यादा के समय के लिए कर्मचारी को ग्रेच्युटी 15 दिन की सैलरी की दर पर या केंद्र सरकार के किसी नोटिफिकेशन में तय किए गए दिनों के आधार पर मिलेगी.

ग्रेच्युटी कब मिलती है? : 1. सेवानिवृत्ति होने पर 2. दुर्घटना या बीमारी की वजह से मौत या अपंगता के कारण 3. स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने पर 4. छंटनी होने पर 5. इस्तीफ़ा देने पर 6. नौकरी से निकाल दिया जाने पर।

ग्रेच्युटी लेने के लिए कौन सा फॉर्म भरना होता है? : कंपनी को ज्वाइन करते वक़्त कर्मचारी को फॉर्म “F” भर कर उसमे अपने घर के किसी भी सदस्य को नॉमिनी बनाना होता है। यहाँ पर यह बात बताना भी जरूरी है कि यदि कंपनी घाटे में चल रही हो तो भी उसे ग्रेच्युटी राशि का भुगतान करना होगा। 

Calculation of Gratuity

15 X {(Basic Salary+ DA+ Sales Commission) X duration of work (in years)  } / 26

15 X पिछली सैलरी X काम करने की अवधि) भाग 26 यहां पिछली सैलरी का मतलब बेसिक सैलरी, महंगाई भत्ता और बिक्री पर मिलने वाला कमीशन है।

Maximum Amount of Gratuity

2018 में के संशोधन के बाद इस सीमा को बढ़ाकर ₹2000000 कर दिया गया है अब मौजूदा प्रावधानों के मुताबिक ₹2000000 तक ग्रेच्युटी की रकम हो सकती है।

कौन   सी कंपनी Gratuity  देने के लिए  वचनबद्ध होनी चाहिए। 

नियोजक जिनमें कर्मचारियों की संख्या 10 से अधिक है, वह इस अधिनियम के अधीन नियोजक कहलाएंगे।

10 कर्मचारियों से अधिक काम करने वाली संस्थाएं इस अधिनियम के अंतर्गत शासित होगी तथा उन्हें अपने कर्मचारियों को ग्रेच्युटी की धनराशि देना होगी।

कारखाने, खदान, बागान, दुकान और वह सभी सरकारी और गैर सरकारी संस्था जो केंद्रीय राज्य सरकारों तथा लोकल अथॉरिटी आदि। 

ग्रेच्युटी पर कितना कर लगता है? : निजी कर्मचारियों को जब ग्रेच्युटी उनके नौकरी करते समय (रिटायरमेंट के पहले तक) मिलती है, तो उनकी ग्रेच्युटी पर टैक्स लगता है क्योंकि यह उनके वेतन के अंतर्गत आता है लेकिन सरकारी कर्मचारियों को ग्रेच्युटी उनकी सेवानिवृत्ति, मृत्यु या पेंशन के तौर मिलती है और उस पर टैक्स भी नहीं लगता है। श्रम मंत्रालय के नये नियमों के अनुसार संगठित क्षेत्र के कर्मचारी 1 जनवरी 2016 से 20 लाख रुपए तक के कर मुक्त ग्रेच्युटी के लिए पात्र होंगे इससे पहले यह सीमा 10 लाख रुपये थी।

1961 की सेवा नियमावली में ग्रेच्युटी रोकने का कोई उपबन्ध नहीं है. 

आपराधिक मुकदमा चल रहा हो तो रोकी जा सकती है ग्रेच्युटी: HC

विधिविरुद्ध गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप में याची को मिलने वाली ग्रेच्युटी इसी आधार पर रोक दी गयी। 

Reference: https://hindi.news18.com/news/uttar-pradesh/allahabad-allahabad-high-court-says-gratuity-can-be-stopped-if-criminal-prosecution-against-person-1122976.html