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Tuesday, September 1, 2020

संघर्ष में आदमी अकेला होता है,सफलता में दुनिया उसके साथ होती है,जिस-जिस पर ये जग हँसा है,उसीने इतिहास रचा है…



संघर्ष में आदमी अकेला होता है,
सफलता में दुनिया उसके साथ होती है,
जिस-जिस पर ये जग हँसा है,
उसीने इतिहास रचा है…

Tuesday, August 25, 2020

मोहल्ला क्लास नो इंटरनेट नो मोबाइल लाउडस्पीकर से एजुकेशन


आईडिया फ्रॉम झारखंड


वन नेशन वन राशन कार्ड

 
 

"वन नेशन वन राशन कार्ड" योजना भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वपूर्ण पहल है जिसका उद्देश्य भारतीय नागरिकों को राष्ट्रीय स्तर पर एक ही प्रकार के राशन कार्ड प्राप्त करने का आवासीयता, यानी "वन नेशन वन राशन कार्ड" प्रदान करना है।

इस योजना के अंतर्गत, भारत के किसी भी राज्य से अन्य राज्य में रह रहे नागरिक एक ही प्रकार के राशन कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं। इससे उन्हें अन्य राज्यों में निवास करते समय राशन सुविधा का लाभ मिल सकता है।

यह पहल राष्ट्रीय एकता और समानता के माध्यम से भारत के विभिन्न क्षेत्रों में रह रहे नागरिकों को समान राशन सुविधा का लाभ प्रदान करने का प्रयास है। इसका मुख्य उद्देश्य है कि कोई भी व्यक्ति किसी भी राज्य में रहते हुए राशन कार्ड के लिए परेशानी ना करें।

इसके अलावा, यह योजना लोगों को अन्य विभिन्न सरकारी योजनाओं और लाभों के लिए आवेदन करने में भी सहायक हो सकती है। यह एक सरल, सुविधाजनक, और समानता को बढ़ावा देने वाला प्रयास है जो भारतीय समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

 

"वन नेशन वन राशन कार्ड" (One Nation One Ration Card) योजना भारत सरकार की गरीबी मुक्त भारत अभियान का हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य है राष्ट्रीय स्तर पर एक ही प्रकार के राशन कार्ड का निर्माण करना ताकि गरीब नागरिकों को देशभर में राशन की सुविधा मिल सके, खासकर जब वे अपने गाँव या शहर में गठबंधन करने के लिए प्रवास करते हैं।

इस योजना के अंतर्गत, एक ही प्रकार के राशन कार्ड को एक ही पोस मशीन के माध्यम से उपयोग किया जा सकता है, जो देशभर के राशन दुकानों में स्थापित किए गए हैं। इससे लाभार्थी व्यक्ति किसी भी राज्य में रहते हुए अपने राशन कार्ड का उपयोग कर सकते हैं।

यह पहल गरीबी को कम करने के साथ-साथ लोगों को बेहतर राशन सुविधा प्रदान करने का लक्ष्य रखती है। इससे अधिक लोग अपनी आवश्यकतानुसार अन्न सुरक्षा के साथ जीवन बिता सकते हैं, जो उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति को सुधारने में मदद कर सकता है।

 

 **एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड (One Nation, One Ration Card)**

### परिचय

भारत में, खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा राशन कार्ड है, जो कि कमजोर वर्गों और गरीब परिवारों को सस्ती दरों पर अनाज उपलब्ध कराता है। हाल के वर्षों में, भारत सरकार ने "एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड" (ONORC) पहल की शुरुआत की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत आने वाले लाभार्थियों को देश के किसी भी हिस्से में, किसी भी राज्य के सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करना है। यह विशेष रूप से उन प्रवासी कामगारों के लिए सहायक है, जो अपने गृह राज्य से दूर काम करते हैं।

### एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड का उद्देश्य

इस योजना का मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

1. **खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना**: पूरे देश में प्रवासियों और कामगारों को सस्ती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराना।
2. **राशन कार्ड की पोर्टेबिलिटी**: लाभार्थियों को देश के किसी भी हिस्से में राशन लेने की सुविधा प्रदान करना।
3. **पारदर्शिता और उत्तरदायित्व बढ़ाना**: राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना।
4. **भ्रष्टाचार कम करना**: फर्जी राशन कार्ड और भ्रष्टाचार की संभावनाओं को कम करना।

### योजना की शुरुआत और कार्यान्वयन

"एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड" पहल की शुरुआत जुलाई 2020 में की गई थी। यह योजना चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है, जिसमें विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है। योजना के तहत, सभी राज्यों के राशन कार्डों को एक केंद्रीय डेटाबेस से जोड़ा गया है, जिससे लाभार्थी अपनी सुविधा के अनुसार देश के किसी भी हिस्से में राशन प्राप्त कर सकते हैं।

### एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड की मुख्य विशेषताएं

1. **अंतर-राज्यीय पोर्टेबिलिटी**: इस योजना के तहत, लाभार्थी अपने गृह राज्य के अलावा किसी अन्य राज्य में भी राशन प्राप्त कर सकते हैं।
2. **इंट्रा-स्टेट पोर्टेबिलिटी**: लाभार्थी अपने राज्य के भीतर भी किसी भी राशन की दुकान से राशन प्राप्त कर सकते हैं।
3. **आधार सीडिंग**: सभी राशन कार्डों को आधार कार्ड से जोड़ा गया है, जिससे लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित होती है।
4. **इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल (ePoS) मशीनें**: राशन दुकानों पर ePoS मशीनों का उपयोग किया जाता है, जिससे राशन वितरण प्रक्रिया पारदर्शी होती है।

### योजना के लाभ

1. **प्रवासियों के लिए सहूलियत**: यह योजना विशेष रूप से उन प्रवासी मजदूरों के लिए फायदेमंद है, जो रोजगार की तलाश में अपने गृह राज्य से बाहर जाते हैं। वे अब देश के किसी भी हिस्से में अपने अधिकार का राशन प्राप्त कर सकते हैं।
2. **महिलाओं और बच्चों को लाभ**: इस योजना से महिलाओं और बच्चों को भी फायदा होगा, क्योंकि वे अपने निवास स्थान से दूर होने पर भी खाद्य सुरक्षा का लाभ उठा सकते हैं।
3. **भ्रष्टाचार में कमी**: आधार सीडिंग और ePoS मशीनों के उपयोग से राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ी है और फर्जी राशन कार्डों का उपयोग कम हुआ है।
4. **समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाना**: यह योजना समाज के कमजोर और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

### कार्यान्वयन में चुनौतियां

हालांकि, "एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड" योजना के लाभ स्पष्ट हैं, इसके कार्यान्वयन में कुछ चुनौतियां भी सामने आई हैं:

1. **तकनीकी समस्याएं**: आधार प्रमाणीकरण में तकनीकी समस्याएं और ePoS मशीनों के संचालन में कठिनाइयां।
2. **भू-भागीय विविधता**: भारत जैसे विशाल और विविध देश में योजना को सफलतापूर्वक लागू करना एक बड़ी चुनौती है।
3. **राज्यों के बीच समन्वय**: विभिन्न राज्यों के बीच समन्वय स्थापित करना और उन्हें केंद्रीय डेटाबेस से जोड़ना।
4. **लाभार्थियों की जागरूकता**: योजना के बारे में लाभार्थियों को जागरूक करना और उन्हें इसकी जानकारी देना।

### समाधान और भविष्य की दिशा

इन चुनौतियों का सामना करने के लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं:

1. **तकनीकी सुधार**: आधार प्रमाणीकरण और ePoS मशीनों के संचालन में सुधार के लिए तकनीकी उन्नयन और समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना।
2. **प्रशिक्षण कार्यक्रम**: राशन दुकानदारों और अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना, ताकि वे योजना को सही तरीके से लागू कर सकें।
3. **जागरूकता अभियान**: लाभार्थियों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार और जागरूकता अभियान चलाना।
4. **राज्यों के बीच सहयोग**: राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग स्थापित करने के लिए केंदीय स्तर पर समन्वय समितियों का गठन करना।

### निष्कर्ष

"एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड" योजना भारत में खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह योजना न केवल प्रवासी मजदूरों और कमजोर वर्गों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि भ्रष्टाचार में कमी और पारदर्शिता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हालांकि, इसके कार्यान्वयन में कुछ चुनौतियां हैं, लेकिन सही उपाय और प्रयासों से इन्हें दूर किया जा सकता है। इस योजना के सफल कार्यान्वयन से भारत में एक समृद्ध और सशक्त समाज की स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।

डिजिटल अर्थव्यवस्था मजबूत बुनियाद

गरीब के पास अपना पक्का घर , बिजली और पानी की व्यवस्था 2017 -2022 लक्ष्य

Balance between Encouraging growth and protecting the environment

Sustainability and climate change

 

 
How to adapt to an environmentally conscious lifestyle.

1. Reduce
2. Reuse
3. Recycle
4. Renewable
5. Recover
6. Re-design
7. Re-manufacture

Few examples for the above:
Reduce - Electricity, Fuel Usage
Reuse - Old Clothes, Electronics, Building materials, furniture
Recycle - Plastic, newspapers, cartons, boxes
Renewable - Solar, Wind, Hydro, Tidal, Geothermal & Biomass
Recover - Forests, rivers, soil, mountains, wildlife
Redesign - Green buildings
Remanufacture - E-waste for new purposes

 


India is one of the leaders in sustainable development and clean energy. With the Hon PM Narendra Modi-led government’s reform-oriented, environment-friendly policies, the country has time & again shown that sound environmental policies can pave the way to a sound economy.

At the UN Climate Change Conference COP26 in 2021, PM Shri Narendra Modi announced the ‘LiFE’, a mission to bring individual behavioural change at the forefront of the global climate action narrative. LIFE or Lifestyle for Environment along with the ‘Pro Planet People’ movement, aims to strengthen the efforts to overcome climate change.

LiFE will replace the prevailing 'use-and-throw’ thinking with an environmentally conscious lifestyle. The Mission is to create a global community of ‘Pro-Planet People’ (P3), who with their shared commitment will adopt and promote environmentally friendly lifestyles.

Individual Efforts Are Key to Climate Commitment

India's traditional knowledge strongly positions it to lead the narrative of addressing climate change. Like many other mass movements, LiFE aims to inspire climate action based on the mantra of ‘Sabka Sath, Sabka Vikas’.

Our civilisational values have taught us the importance of living in harmony with nature. Today, let’s come together to protect our environment & take forward Mission LiFE - Lifestyle for Environment.

अब इंडिया भारत बनेगा

अब इंडिया भारत बनेगा

Fight against corruption.- Reducing corruption through technology

Fight against corruption.

Utilising advancements in technology
 remove corruption in every form 
technology as enabling tools
Multi-pronged strategy to tackle the problem in an effective manner.


Saturday, August 22, 2020

परिवार पहचान पत्र Family Identity Card

परिवार पहचान पत्र Family Identity Card

E -राशन कार्ड है तो सरकार सिर्फ नए नए कार्ड बना पैसा क्यों बर्बाद कर रही है। 
आज हर व्यक्ति का आधार कार्ड है जो unique है। उसे  object लिंकिंग कर नया डेटा आधार डेटा बेस से बनाया जा सकता है। आधार existing डेटा बेस में वोटर id , परिवार id , national population register आदि को जोड़ सरकार का करोड़ो, खरबो बचाया जा सकता है तो फिर नए नए कार्ड बनाने के नाम पर corruption क्यों हो रहा है।

एक देश है तो सिर्फ एक ही कार्ड होना चाहिए। आधार।
चाहे पैन कार्ड, वोटर id, परिवार पहचान पत्र, Nps कार्ड,  School id कार्ड, रोजगार कार्ड, बैंक account.... एक कर सरकार का कार्ड के नाम पर फालतू व्यय बचाया जा सकता है।

Ref हिंदुस्तान