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Monday, September 28, 2020

गरमा-गरम कॉफ़ी


एक पुराना ग्रुप कॉलेज छोड़ने के बहुत दिनों बाद मिला। वे सभी अच्छे कॅरियर के साथ खूब पैसे कमा रहे थे। वे अपने सबसे फेवरेट प्रोफेसर के घर जाकर मिले।
प्रोफेसर साहब उनके काम के बारे में पूछने लगे।
धीरे-धीरे बात लाइफ में बढ़ती स्ट्रेस और काम के प्रेशर पर आ गयी। इस मुद्दे पर सभी एक मत थे कि, भले वे अब आर्थिक रूप से बहुत मजबूत हों पर उनकी लाइफ में अब वो मजा नहीं रह गया जो पहले हुआ करता था।
प्रोफेसर साहब बड़े ध्यान से उनकी बातें सुन रहे थे, वे अचानक ही उठे और थोड़ी देर बाद किचन से लौटे और बोले,
”डीयर # स्टूडेंट्स, मैं आपके लिए गरमा-गरम कॉफ़ी लेकर आया हूँ , लेकिन प्लीज आप सब किचन में जाकर अपने-अपने लिए कप्स लेते आइये।"
लड़के तेजी से अंदर गए, वहाँ कई तरह के कप रखे हुए थे, सभी अपने लिए अच्छा से अच्छा कप उठाने में लग गये, किसी ने क्रिस्टल का शानदार कप उठाया तो किसी ने पोर्सिलेन का कप सेलेक्ट किया, तो किसी ने शीशे का कप उठाया।
सभी के हाथों में # कॉफीआ गयी तो प्रोफ़ेसर साहब बोले,
"अगर आपने ध्यान दिया हो तो, जो कप दिखने में अच्छे और महंगे थे आपने उन्हें ही चुना और साधारण दिखने वाले कप्स की तरफ ध्यान नहीं दिया। जहाँ एक तरफ अपने लिए सबसे अच्छे की चाह रखना एक नॉर्मल बात है वहीँ दूसरी तरफ ये हमारी लाइफ में प्रॉब्लम्स और स्ट्रेस लेकर आता है।
फ्रेंड्स, ये तो पक्का है है कि कप चाय की क्वालिटी में कोई बदलाव नहीं लाता। ये तो बस एक जरिया है जिसके माध्यम से आप कॉफी पीते है। असल में जो आपको चाहिए था वो बस कॉफ़ी थी, कप नहीं, पर फिर भी आप सब सबसे अच्छे कप के पीछे ही गए और अपना लेने के बाद दूसरों के कप निहारने लगे।"
अब इस बात को ध्यान से सुनिये ...
"ये लाइफ कॉफ़ी की तरह है ;
हमारी # नौकरी, # पैसा, # पोजीशन, कप की तरह हैं। ये बस लाइफ जीने के साधन हैं, खुद लाइफ नहीं ! और हमारे पास कौन सा कप है ये न हमारी लाइफ को डिफाइन करता है और ना ही उसे चेंज करता है। कॉफी की चिंता करिये कप की नहीं।"
"दुनिया के सबसे खुशहाल लोग वो नहीं होते जिनके पास सब कुछ सबसे बढ़िया होता है, पर वे होते हैं, जिनके पास जो होता है बस उसका सबसे अच्छे से यूज़ करते हैं।
सादगी से जियो।
सबसे प्रेमकरो।
सबकी केयर करो। यही असली जीना है।

Saturday, September 19, 2020

मुफ्त गैस कनेक्शन 2015- 6 करोड़ से ज्यादा परिवारो को मुफ्त गैस कनेक्शन

6 करोड़ से ज्यादा परिवारो को मुफ्त गैस कनेक्शन




मुफ्त गैस कनेक्शन के बारे में 2015 में भारत में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की शुरुआत हुई थी। इस योजना के अंतर्गत, गरीब और वंचित घरों को मुफ्त गैस कनेक्शन प्रदान किया गया। यह योजना उन लोगों को लक्ष्य बनाती थी जो गैस कनेक्शन की अभावी थे और इसलिए अग्निशमन के खतरे में थे। इस योजना के तहत, सरकार ने मुख्य रूप से गरीब बालिकाओं, महिलाओं और अन्य समाज के वंचित वर्गों को लाभार्थी बनाया। यह एक प्रमुख उपाय था जो गरीब और वंचित वर्गों को स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ-साथ अधिक साफ वस्त्र खाने की संभावना देने के लिए किया गया।
 

प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की शुरुआत 1 मई 2016 को हुई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब और वंचित वर्गों को आग के खतरे से मुक्ति दिलाना और उन्हें स्वच्छ पाकिस्तान की ओर बढ़ने का एक कदम उठाना था। इस योजना के अंतर्गत, गरीब परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन प्रदान किया गया।

इस योजना में पात्रता के मानदंड कुछ ऐसे थे:

  1. योजना के तहत, भारतीय नागरिक जो बीपीएल (बीलो के आधार पर जनसंख्या) कार्ड धारक हैं, उन्हें योजना के अंतर्गत निःशुल्क गैस कनेक्शन प्रदान किया गया।

  2. योजना के अंतर्गत, कनेक्शन के लिए सिलेंडर, प्रेस्चर रेगुलेटर, स्टोव आदि की भी मुफ्त आपूर्ति की गई।

  3. इसके अलावा, योजना के तहत धारकों को सम्बंधित राज्य सरकार की तरफ से आवश्यकता होने पर वार्षिक आय सहायता भी प्रदान की गई।

यह योजना महिलाओं को विशेष ध्यान में रखते हुए शुरू की गई थी, क्योंकि उन्हें परिवार के भोजन की खास जिम्मेदारी होती है। इससे वे खाने पकाने में सुरक्षित और साफ जल प्राप्त कर सकती हैं, जो उनके स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है।

योजना के अंतर्गत अब तक लाखों गरीब परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन प्रदान किए गए हैं, जिससे उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार हुआ है और उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा भी मिली है।

 

सेना में महिला अधिकारियो को स्थाई कमिशन

Reboot योजना आयोग to नीति आयोग 2014

महिलाओ को पुरुषो के बराबर वेतन

वेतन और शर्तों पर भेदभाव

PMEJP प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम



ई लोक अदालत

स्किल इंडिया 2014 मुहिम

Legal age of marriage for Girls - India

Govt revising Legal age of marriage for Girls 

इंडिया अंतरिक्ष मिशन गगन यान 2017 -2022 लक्ष्य

वसीयत सहित कानूनी दस्तावेजो का ऑनलाइन पंजीकरण

E- बीट बुक ICJS इंटीग्रेटेड क्रिमनल जस्टिस सिस्टम,

मानवीय संवेदनाओं ओर न्याय का मुद्दा

लाभों का निजीकरण और हानि का सरकारीकरण'. सरकारी कम्पनीज का निजीकरण - इंडिया आत्मनिर्भर भारत-सौगंध मुझे इस मिट्टी की मै देश नहीं झुकने दूँगा मेँ देश नहीं बिकने दूँगा।


सभी रेलवे स्टेशनों पर बनाए जाएंगे रूफ प्लाजा।

रिटेल के लिए स्थान, कैफेटेरिया, रिक्रियेशन की सुविधाएं।

फूड कोर्ट, वेटिंग लाउन्ज, बच्चों के खेलने के स्थल बनेंगे।

स्थानीय उत्पाद के लिए स्थान की सुविधा दी जाएगी।

मेट्रो व बस आदि के लिए स्टेशन परिसर में जगह मिलेगी।

रेलवे स्टेशनों पर बनेंगे रेस्टोरेंट और शापिंग कांप्लेक्स, यात्रियों को मिलेंगी एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं

Ref:जागरण, PTI

Publish Date: Thu, 29 Sep 2022 09:48 AM (IST)Updated Date: Thu, 29 Sep 2022 09:48 AM (IST)


केंद्रीय कैबिनेट द्वारा स्टेशन डेवलपमेंट को मंजूरी मिलने के बाद रेलवे स्टेशनों पर शापिंग कांप्लेक्स और रेस्टोरेंट बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। एनईआर के 32 स्टेशनों पर कार्य तेजी से शुरू हो गया है। अन्य स्टेशनों की मास्टर प्लानिंग एवं डिजाइन का कार्य किया जा रहा है।

 

बदल जाएगी रेलवे स्टेशनों की सूरत

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रस्ताव पर केंद्रीय कैबिनेट द्वारा स्टेशन डेवलपमेंट को मंजूरी मिलने के बाद इस कार्य में तेजी आई है। भारतीय रेलवे में 199 रेलवे स्टेशनों के पुनर्निर्माण पर कार्य चल रहा है, इनमें से 47 स्टेशनों के पुनर्निर्माण से संबंधित कार्यों के लिए टेंडर निकल चुके हैं। 32 स्टेशनों पर कार्य तेजी से शुरू हो गया है। अन्य स्टेशनों की मास्टर प्लानिंग एवं डिजाइन का कार्य किया जा रहा है। प्रथम चरण में तीन बड़े स्टेशन नई दिल्ली, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और अहमदाबाद के लिए कैबिनेट ने 10 हजार करोड़ का निवेश स्वीकृत।

छपरा और गोंडा जंक्शन के लिए कंसल्टेंट तैनात

पूर्वोत्तर रेलवे की गति शक्ति यूनिट ने छपरा और गोंडा जंक्शन के विकास के लिए कंसल्टेंट की तैनाती कर दी है। गोरखपुर जंक्शन के डिजाइन लिए जल्द ही कंसल्टेंट की तैनाती कर दी जाएगी। प्रक्रिया शुरू हो गई है। गोमतीनगर में कार्य प्रगति पर है। कंसल्टेंट ही स्टेशनों के विकास का खाका तैयार करेंगे। वे स्टेशन परिसर की खाली भूमि पर रेलवे के लिए कामर्शियल उपयोग की योजना बनाएंगे। साथ ही आय और व्यय का भी आंकलन करेंगे, जिससे रेलवे की आमदनी के साथ आवागमन करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सुविधाएं मिल सकें। जानकारों के अनुसार कायाकल्प के लिए चिन्हित स्टेशन न सिर्फ विश्वस्तरीय दिखेंगे, बल्कि सुविधाएं भी उच्चस्तरीय होंगी। साथ ही क्षेत्रीयता, धार्मिकता और आध्यात्मिकता की पहचान का अहसास भी कराते रहेंगे। गोरखपुर के मुख्य द्वार का निर्माण ऐसा होगा कि प्रवेश करते ही पूर्वांचल के माटी की खुशबू यात्रा से पहले ही यात्रियों के मन मस्तिष्क को तरोताजा कर देगी।





नई रेलवे लाइन परियोजना

रेलवे विधुतीकरण परियोजना

Don’t pay taxes if the government fails to curb corruption: HC



सरकार का टारगेट है कि इस साल वो ऐसा करके 1.05 लाख करोड़ रुपए कमाएगी.

निजीकरण : सरकार अपनी कंपनी में 51 फीसदी या उससे ज़्यादा हिस्सा किसी कंपनी को बेचती है जिसके कारण कंपनी का मैनेजमेंट सरकार से हटकर ख़रीदार के पास चला जाता है.

SBI में हिस्सेदारी  बेच सकती है  सरकार 


सरकार  अगले एक  से डेढ़  साल में SBI  समेत  6 सरकारी  बैंको  में हिस्सेदारी  घटाकर 51 % कर  सकती  है। सूत्रों के अनुसार  RBI ने केंद्र  को इस  बारे  में सुझाव  दिया है।

सरकारी बैंकों में एनपीए के कारण उनकी ओनरशिप नहीं बल्कि उनका बिज़नेस मॉडल है. अगर सरकारी बैंक भी रीटेल लोन पर ही ध्यान देते तो उनका भी एनपीए नहीं होता.

लंबी अवधि वाले लोन सरकारी बैंक ही देते हैं : लंबी अवधि के लोन होते हैं वो आने वाले 10-15 साल के अर्थव्यवस्था के विकास के आकलन के आधार पर दिए जाते हैं.

फाइनेन्शियल इन्क्लूशनजनधन योजना  इसके तहत जो 25 करोड़ खाते खोले गए उनमें एक बड़ी भूमिका सरकारी बैंकों की रही.

बैंकों का एकमात्र लक्ष्य लाभ नहीं होना चाहिए?
1969 में जब बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया तो उसने भारतीय बैंकिंग को एक नई दिशा दी
आज देश में बैंकों की 80-90 हज़ार शाखाएं हैं. बैंकों के राष्ट्रीयकरण के बाद बैंकों की शाखाओं का विस्तार हुआ 

1991 में भारत में प्राइवेट बैंक आए जिनका एकमात्र उद्देश्य था लाभ कमाना. इन बैंकों में खातों के लिए बड़े मिनिमम बैलेंस की आवश्यकता थी और अब भी है जो आम आदमी के लिए संभव नहीं है.

सरकारी बैंकों की शाखाएं दूरदराज़ की ऐसी जगहों पर भी होती हैं जहां निजी बैंक पहुंचना पसंद नहीं करते.
सरकारी बैंक गांव-देहात कर सरकारी मदद या सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाते हैं. ऐसे में इन बैकों पर निर्भर रहने वाले गरीबों के लिए क्या सरकारी बैंकों के निजीकरण के क्या मायने होंगे? क्या इससे उन्हें मिलने वाली सरकारी सुविधओं पर भी असर पड़ सकता है.

बैंकों के निजीकरण : बैंकों के बढ़ते हुए नॉन परफॉर्मिंग ऐसेट्स यानी एनपीए 

इंफ्रास्ट्रकचर प्रोजेक्ट्स प्रोजेक्ट्स अटकने के कई कारण हो सकते हैं
पर्यावरण क्लियरेंस
ज़मीन का एक टुकड़ा 

वित्त मंत्री ने कहा, 'एयर इंडिया और भारत पेट्रोलियम को मार्च तक बेच देंगे': प्रेस रिव्यू

दोनों कंपनियों को बेचने से इस वित्त वर्ष में एक लाख करोड़ का फायदा होगा.


एयर इंडिया
भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) 

रेलवे का निजीकरणः 


Should public sector railway services be privatized?

Argument: No. Privatizing railway services would result in higher ticket prices. This would negatively affect the poor who rely on the railways for transport.

रेल बिक गया, बिक गया ONGC,
बिका SAIL GAIL और बिका LIC.
#GalwanValley दिया दान में,
कोई बड़ा नहीं साहब से महारथी.
#Stop_Railway_Privatization

किसी लाइन को बगैर छुए छोटा करना हो तो उसके सामने बड़ी लाइन खिंचनी होती है।

अगर सरकारी रेलवे ढंग से काम नही कर रही तो उसे छुए बगैर उसके सामने प्राइवेट रेलवे ट्रैक की अलग रेलवे चलाए नए रेलवे स्टेशन बनवाए। invite करे कोरिया, सिंगापोर, जापान जर्मनी  for FDI जिससे देश मे तरक्की हो GDP बढे और पुराने सरकारी लोगो को भी सुधार का मौका मिले।

अप्रैल 2023 में निजी रेल सेवाएं शुरू हो जाएंगी.


भारतीय रेलवे ने 109 रूटों पर ट्रेन चलाने के लिए निजी कंपनियों से  RFQ - request for qualification आरएफ़क्यू आमंत्रित किया है.


इस प्रोजेक्ट के तहत रेलवे में निजी क्षेत्र के तीस हज़ार करोड़ रुपए निवेश होंगे.

इस प्रोजेक्ट का मक़सद रेलवे में नई तकनीक लाना, मरम्मत ख़र्च कम करना, यात्रा समय कम करना, नौकरियों को बढ़ावा देना, सुरक्षा बढ़ाना और यात्रियों को विश्व स्तरीय सुविधाएं देना है.

रेलव के 109 रूटों पर 151 उन्नत रेलगाड़ियाँ (रेक) शुरू की जानी हैं. रेलवे के मुताबिक़ प्रत्येक ट्रेन में कम से कम 16 कोच होंगे.

सभी रेलगाड़ियों का उत्पादन भारत में ही होगा. निजी क्षेत्र की कंपनियां इनके वित्तपोषण, संचालन और रख रखाव के लिए ज़िम्मेदार होंगी. रेलवे का कहना है कि इस प्रोजेक्ट की अवधि 35 वर्ष होगी.

निर्धारित रूटों पर गाड़ियां शुरू करने वाली निजी कंपनी को रेलवे को तय हॉलेज चार्ज, ऊर्जा चार्ज और कुल आय में हिस्सा देना होगा.


भारतीय रेलवे ने देश के रेल नेटवर्क को 12 क्लस्टर में बांटा हैं. इन क्लस्टर में 109 रूटों पर इतनी ही जोड़ी निजी रेल गाड़ियां चलाने का प्रस्ताव है.

रेलवे इन सेवाओं के लिए अपनी ओर से सिर्फ़ गार्ड और 

सरकार का टारगेट है कि इस साल वो ऐसा करके 1.05 लाख करोड़ रुपए कमाएगी.

Railway Reform Initiative - Return on Investment will get in near future

Railway Reform Initiative - Return on Investment will get in near future
http://vishesh2014.blogspot.in/2014/01/how-can-rail-ministry-or-irctc-reduce.html
1. Railway will play important role in India double digit GDP growth
2. Railway mall conversion from old dead station - for example Patel nagar delhi station
3. 2 additional track laying off by private sector - 1 track for mall gadi and onother tracks for
passenger trains. this will bring lots of competition if one is run by private parties/ government
body.
4. Trains will be run by private party like reliance, Mahindra, tata.
5. Scope for new railway coaches design and manufacturing will boost made in India also
automobile sector vendors they will become new railways vendors.
6. New station mall creation and income from lease/renting
7. Lots of job opportunity creation due to all this changes
8. Same like flight rajdhani / shatabdi run and maintain by private sector
9. Bar coded Ticket automatic checker - no more free ticket journey

Revamping of Railway Stations- Railway Mall Concept- (5 Lakhs Caror) Potential lease Income 
Potential lease Income for railway for this change approximate 500000 Caror 
(5 Lakhs Caror)
1.     All railway station should be like small mall all facility should be available like movie, food cloth, maybe they can restrict /separate the way to go inside the real rail platform to maintain the security. Government will get a lot for income on lease concept and taxes. Public will get a healthy environment and services.
2.     Modernization of railway platform & stations like metro rail station.
3.     Under its renovation and upgradation plan, the Railways are successful in installing state of the art amenities, which include elevators, a modern passenger announcement system, posh waiting rooms with airport-like entry and exit systems, shopping complexes, and installing about 5 lakh CCTV systems on all major stations.

2000 Caror Potential Income from advertisement to Indian railway
Advertisement on rail coaches, station and all platforms
1.      Advertisement on rail coaches inside & outside. The frame needs to be established.
2.      Advertisement on the railway station and all platforms. Ex. Hotels & tourist places, education, food chain, insurance etc. 

5000 Caror Potential expenses saving by adopting Solar energy as alternative source of energy 
Solar Panels to a reduced alternative source of energy and reduce power dependency for saving the government money



India now has a railway station that’s fully powered by solar energy

Guwahati Railway station is first in Northeast to run completely on solar power
Railway Launches First Train With Solar Power at Safdarjung Station, New Delhi

5000 Caror Potential Income from telecom , Internet companies to Indian railway via Lease concept.
1.     Increasing the competition in mobile / telecom/internet in each platform of the station, all service provider need to be invited to establish their setup for increasing quality of service in public benefit. Govt. income increase from a lease on these services.
2.     Free internet in railway train & platform.
3.     big companies like JIO, Airtel, google , microsoft, oracle, SAP  need to invited for innovative solution. 

10000 Caror Potential Income from food chain, Catering service companies to Indian railway via Lease concept or Profit sharing concept.

1.     Increasing the competition in food chain and restaurant inside the platform or railway station- all big food chain supplier need to be invited like Tata, Birla, Reliance, Haldiram, Agarwal sweets, Nestle, Mahindra, Pepsi, IRCTC, many more dedicated Indian companies for India economy growth. To reduce black money all transaction should be barcoded or computerize with pan/tin Number ,barcode or QR code associated in all food corners.
2.     The ratio of food chain corners at least 8-10 per platform.

5000 Caror Potential Income from Tourism to  Indian railway via Premium Train for tourist only Lease concept or Profit sharing concept.
1.     To increase the tourist special coach for NRI, outside country people, ticket should be always available.o promote tourist places in train way. International standard should be follow in these coaches.
2.     Special trains for easy to reachable on tourist places, complete package.
3.     Holi places like Varanasi, Haridwar, vashnavdevi , dwarka, maihar, ujjain...many more looking for special dedicated trains and special rules for senior citizen above 55 years. 
4.     Tourist places like Tajmahal, Goa, Manali, shimla, masouri, jaipur… many more looking for special trains and extra coaches for gethe neral public .

 Potential of 5 Lakhs caror FDI  via IPO, Single time Bond
1.     To increase the income for government body they need to launch the IPO for establishing Railway mall, food chain, and alternate 2 extra rail track – one for goods and one for the public interest.

There will be 150 private trains to start
  • Dedicated freight corridors (DFCs) connecting Delhi and Mumbai, and Delhi and Howrah
  • The Union cabinet has approved nearly Rs 13,000 crore to upgrade the Delhi-Mumbai and Delhi-Kolkata stretches for trains running at 160 kmph.
  • IRCTC has announced value additions such as Rs 25 lakh insurance on every ticket, wheelchairs, home pick-up and delivery of luggage, etc. IRCTC can even pick you up from your home and drop you at the station. In Delhi and Lucknow, passengers can also avail accommodation at retiring rooms.
  • Private operators to manufacture coaches: options — import, buy, get coaches on lease too
  • Private trains will run by 2023-24
  • Production units: need more coaches and locomotives fit for 160 kmph
  • Two PSUs — one for locos and one for coaches.
  • Railway will ensure interests of railway employees are fully protected
Reference: 
https://economictimes.indiatimes.com/industry/transportation/railways/there-will-be-150-private-trains-to-start-with-railway-board-chairman-vinod-kumar-yadav/articleshow/71237366.cms


Potential opportunity for Indian railway
1.     To increase the opportunity for improvement all platform and trains should be aim for ISO 9001- improvement ideas like station train route LED display, Station advertisement Information Led display (Benchmarking Delhi metro trains)


   Corruption रोकने में सरकार  कितनी सक्षम , सरकारी  की  नियत और नियति। 


सच कहते है  सर  नहीं समझते  फिस्कल डेफिसिट , GDP, यादाश्त कमजोर और  दृष्टिकोण बहुत ही संकीर्ण है।  हमे तो बस सब जुमला ही लगता है , जो आखो  से देखते है  वही सच  है। 

जब मेहनत  करके खून पसीना एक करते है  तब  २ वक्त की की रोटी  कमाता है  ये भारतीय।
पर सरकार  तो अपने टैक्स प्रॉफिट और तिजोरिया भरने में मशरुर हो गई  उस धीतरास्त्र की तरह जो पुत्र मोह में अँधा हो कर उचित अनुचित भूल गया।


ये वही सरकार  है  जो जनता को लूटने VAT  का कांसेप्ट ले कर  आई  थी।

ये वही सरकार  है  जो  पहले GST की 18 % रेट के लिए लड़ रही थी और जब खुद की सरकार  बनी तो GST का 28 % रेट कर दिय इम्प्लीमेंट कर दिया।
तुलना करते है  अपनी अमेरिका से वहा  6 % टैक्स है। आपके बच्चो की पढ़ाई  का खर्च सरकार  उठती है  14  साल के बच्चे तक।  बुजुर्ग होने पर  60  साल  के बाद आपका दवाई खर्च सर्कार उठती है।  जॉब न होने पर कुछ समय तक  सहयोग राशी योगदान करती है।  

ये वही सरकार  जो पहले 400  का गैस सिलिंडर होने पर सिलेण्डर  ले गवर्नमेंट को  हाय - हाय  करते थे।  और जब खुद की सरकार  बनी  तो अब गैस सिलिंडर 1061  रूपये का गैस सिलिंडर दे कर कह रहे है देश तरक्की  कर रहा है।

चंद  रोड  बनने से देश समृद्ध नहीं बनता  वो सिर्फ कंक्रीट का जंगल चीन बनता है। 

जब  लोगो की जेब खाली  है,  लोगो के पास  जॉब नहीं है ,  किसान  रो रहा , दुकानदार रो रहा है।  तो कहाँ  तरक्की  हो रही है।
सब जानते है  करप्शन कितना  कम हुआँ।  १५ लाख आकउंट में आ गए। क्या एक भी बिल्डर , corrupt  नेता जेल गया।

जन धन अकॉउंट से बैंको को फायदा हुआ  ,  नोट बंदी से बैंको को फायदा हुआ , बैंक में पैसे जमा होते हे मिनिमम बैलेंस  बढ़ा दिया गया , नए नए चार्जेस  लगा कर जनता को लूटना शुरू  हो गया।  तब  गवर्नमेंट कण्ट्रोल कहा गया। 

कुछ तो और भी महान  है।  अच्छी  चीजों का क्रेडिट  तो ले लेते है।  पर अगर कुछ बुरा कहा जाता है   तो कहते हे ये तो प्रोमोदी  है।  ये कोंग्रेसी  लगता है। 

दुःख है हमे  की  हमने वोट दिया था 4  साल पहले।  साफ नियत भी नहीं दिखी  न ही संबका साथ सबका विकास।  विश्वासघात  हुआ  जनता के साथ।

किसकी खातिर झूठ  कमाया  जब संग  न आया कोई। 15  साल तक इनकी सरकार  रही राज्य में पर क्या किया। जनता से लुटा पैसा  अगली सरकार ने कुछ ही  घंटो  में बाट  दिया  किसानो को। ये वही जनता है  जिन्होंने  सर पर बैठाया था।


गीता  का उपदेश : लॉन्ग टर्म मुद्दों का जुमला देना भी कृपया छोड़ दे।

Corruption रोकने में सरकार  कितनी सक्षम, सरकारी  की  नियत और नियति। Corruption के लिए केंद्र और राज्य दोनों सरकार दोनों जिम्मेदार।


सरकारी कम्पनीज का निजीकरण - इंडिया

लाभों का निजीकरण और हानि का सरकारीकरण'.

Constructive Feedback

किसी ने कहा था। . सौगंध मुझे इस मिट्टी की  मै  देश नहीं झुकने दूँगा   मेँ  देश नहीं बिकने दूँगा। 

corruption ही  corruption सब जुमला है  कुछ ने 70  साल में किया कुछ 7  साल में  हिसाब किताब बराबर करना चाहते है। 

ड्राइवर देगा. बाक़ी सभी इंतज़ाम निजी कंपनियों को करना होगा.

मोदी सरकार की कैबिनेट ने 5 कंपनियों के विनिवेश को मंज़ूरी दे दी है.

Ref : BBC
भारत का राजकोषीय घाटा 6.45 लाख करोड़ रुपए का है. इसका मतलब ख़र्चा बहुत ज़्यादा और कमाई कम. ख़र्च और कमाई में 6.45 लाख करोड़ का अंतर.

निपटने के लिए सरकार अपनी कंपनियों का निजीकरण और विनिवेश करके पैसे जुटाती है.


विनिवेश या बिक्री के लिए केंद्र सरकार को 46 कंपनियों की एक लिस्ट दी गई है और कैबिनेट ने इनमें 24 के विनिवेश को मंज़ूरी दे दी है.


Tuesday, September 1, 2020

संघर्ष में आदमी अकेला होता है,सफलता में दुनिया उसके साथ होती है,जिस-जिस पर ये जग हँसा है,उसीने इतिहास रचा है…



संघर्ष में आदमी अकेला होता है,
सफलता में दुनिया उसके साथ होती है,
जिस-जिस पर ये जग हँसा है,
उसीने इतिहास रचा है…

Tuesday, August 25, 2020

मोहल्ला क्लास नो इंटरनेट नो मोबाइल लाउडस्पीकर से एजुकेशन


आईडिया फ्रॉम झारखंड


Infrastructure and technology for education

वन नेशन वन राशन कार्ड

 
 

"वन नेशन वन राशन कार्ड" योजना भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वपूर्ण पहल है जिसका उद्देश्य भारतीय नागरिकों को राष्ट्रीय स्तर पर एक ही प्रकार के राशन कार्ड प्राप्त करने का आवासीयता, यानी "वन नेशन वन राशन कार्ड" प्रदान करना है।

इस योजना के अंतर्गत, भारत के किसी भी राज्य से अन्य राज्य में रह रहे नागरिक एक ही प्रकार के राशन कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं। इससे उन्हें अन्य राज्यों में निवास करते समय राशन सुविधा का लाभ मिल सकता है।

यह पहल राष्ट्रीय एकता और समानता के माध्यम से भारत के विभिन्न क्षेत्रों में रह रहे नागरिकों को समान राशन सुविधा का लाभ प्रदान करने का प्रयास है। इसका मुख्य उद्देश्य है कि कोई भी व्यक्ति किसी भी राज्य में रहते हुए राशन कार्ड के लिए परेशानी ना करें।

इसके अलावा, यह योजना लोगों को अन्य विभिन्न सरकारी योजनाओं और लाभों के लिए आवेदन करने में भी सहायक हो सकती है। यह एक सरल, सुविधाजनक, और समानता को बढ़ावा देने वाला प्रयास है जो भारतीय समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

 

"वन नेशन वन राशन कार्ड" (One Nation One Ration Card) योजना भारत सरकार की गरीबी मुक्त भारत अभियान का हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य है राष्ट्रीय स्तर पर एक ही प्रकार के राशन कार्ड का निर्माण करना ताकि गरीब नागरिकों को देशभर में राशन की सुविधा मिल सके, खासकर जब वे अपने गाँव या शहर में गठबंधन करने के लिए प्रवास करते हैं।

इस योजना के अंतर्गत, एक ही प्रकार के राशन कार्ड को एक ही पोस मशीन के माध्यम से उपयोग किया जा सकता है, जो देशभर के राशन दुकानों में स्थापित किए गए हैं। इससे लाभार्थी व्यक्ति किसी भी राज्य में रहते हुए अपने राशन कार्ड का उपयोग कर सकते हैं।

यह पहल गरीबी को कम करने के साथ-साथ लोगों को बेहतर राशन सुविधा प्रदान करने का लक्ष्य रखती है। इससे अधिक लोग अपनी आवश्यकतानुसार अन्न सुरक्षा के साथ जीवन बिता सकते हैं, जो उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति को सुधारने में मदद कर सकता है।

 

 **एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड (One Nation, One Ration Card)**

### परिचय

भारत में, खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा राशन कार्ड है, जो कि कमजोर वर्गों और गरीब परिवारों को सस्ती दरों पर अनाज उपलब्ध कराता है। हाल के वर्षों में, भारत सरकार ने "एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड" (ONORC) पहल की शुरुआत की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत आने वाले लाभार्थियों को देश के किसी भी हिस्से में, किसी भी राज्य के सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करना है। यह विशेष रूप से उन प्रवासी कामगारों के लिए सहायक है, जो अपने गृह राज्य से दूर काम करते हैं।

### एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड का उद्देश्य

इस योजना का मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

1. **खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना**: पूरे देश में प्रवासियों और कामगारों को सस्ती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराना।
2. **राशन कार्ड की पोर्टेबिलिटी**: लाभार्थियों को देश के किसी भी हिस्से में राशन लेने की सुविधा प्रदान करना।
3. **पारदर्शिता और उत्तरदायित्व बढ़ाना**: राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना।
4. **भ्रष्टाचार कम करना**: फर्जी राशन कार्ड और भ्रष्टाचार की संभावनाओं को कम करना।

### योजना की शुरुआत और कार्यान्वयन

"एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड" पहल की शुरुआत जुलाई 2020 में की गई थी। यह योजना चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है, जिसमें विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है। योजना के तहत, सभी राज्यों के राशन कार्डों को एक केंद्रीय डेटाबेस से जोड़ा गया है, जिससे लाभार्थी अपनी सुविधा के अनुसार देश के किसी भी हिस्से में राशन प्राप्त कर सकते हैं।

### एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड की मुख्य विशेषताएं

1. **अंतर-राज्यीय पोर्टेबिलिटी**: इस योजना के तहत, लाभार्थी अपने गृह राज्य के अलावा किसी अन्य राज्य में भी राशन प्राप्त कर सकते हैं।
2. **इंट्रा-स्टेट पोर्टेबिलिटी**: लाभार्थी अपने राज्य के भीतर भी किसी भी राशन की दुकान से राशन प्राप्त कर सकते हैं।
3. **आधार सीडिंग**: सभी राशन कार्डों को आधार कार्ड से जोड़ा गया है, जिससे लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित होती है।
4. **इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल (ePoS) मशीनें**: राशन दुकानों पर ePoS मशीनों का उपयोग किया जाता है, जिससे राशन वितरण प्रक्रिया पारदर्शी होती है।

### योजना के लाभ

1. **प्रवासियों के लिए सहूलियत**: यह योजना विशेष रूप से उन प्रवासी मजदूरों के लिए फायदेमंद है, जो रोजगार की तलाश में अपने गृह राज्य से बाहर जाते हैं। वे अब देश के किसी भी हिस्से में अपने अधिकार का राशन प्राप्त कर सकते हैं।
2. **महिलाओं और बच्चों को लाभ**: इस योजना से महिलाओं और बच्चों को भी फायदा होगा, क्योंकि वे अपने निवास स्थान से दूर होने पर भी खाद्य सुरक्षा का लाभ उठा सकते हैं।
3. **भ्रष्टाचार में कमी**: आधार सीडिंग और ePoS मशीनों के उपयोग से राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ी है और फर्जी राशन कार्डों का उपयोग कम हुआ है।
4. **समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाना**: यह योजना समाज के कमजोर और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

### कार्यान्वयन में चुनौतियां

हालांकि, "एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड" योजना के लाभ स्पष्ट हैं, इसके कार्यान्वयन में कुछ चुनौतियां भी सामने आई हैं:

1. **तकनीकी समस्याएं**: आधार प्रमाणीकरण में तकनीकी समस्याएं और ePoS मशीनों के संचालन में कठिनाइयां।
2. **भू-भागीय विविधता**: भारत जैसे विशाल और विविध देश में योजना को सफलतापूर्वक लागू करना एक बड़ी चुनौती है।
3. **राज्यों के बीच समन्वय**: विभिन्न राज्यों के बीच समन्वय स्थापित करना और उन्हें केंद्रीय डेटाबेस से जोड़ना।
4. **लाभार्थियों की जागरूकता**: योजना के बारे में लाभार्थियों को जागरूक करना और उन्हें इसकी जानकारी देना।

### समाधान और भविष्य की दिशा

इन चुनौतियों का सामना करने के लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं:

1. **तकनीकी सुधार**: आधार प्रमाणीकरण और ePoS मशीनों के संचालन में सुधार के लिए तकनीकी उन्नयन और समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना।
2. **प्रशिक्षण कार्यक्रम**: राशन दुकानदारों और अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना, ताकि वे योजना को सही तरीके से लागू कर सकें।
3. **जागरूकता अभियान**: लाभार्थियों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार और जागरूकता अभियान चलाना।
4. **राज्यों के बीच सहयोग**: राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग स्थापित करने के लिए केंदीय स्तर पर समन्वय समितियों का गठन करना।

### निष्कर्ष

"एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड" योजना भारत में खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह योजना न केवल प्रवासी मजदूरों और कमजोर वर्गों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि भ्रष्टाचार में कमी और पारदर्शिता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हालांकि, इसके कार्यान्वयन में कुछ चुनौतियां हैं, लेकिन सही उपाय और प्रयासों से इन्हें दूर किया जा सकता है। इस योजना के सफल कार्यान्वयन से भारत में एक समृद्ध और सशक्त समाज की स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।

डिजिटल अर्थव्यवस्था मजबूत बुनियाद

गरीब के पास अपना पक्का घर , बिजली और पानी की व्यवस्था 2017 -2022 लक्ष्य

Balance between Encouraging growth and protecting the environment

Sustainability and climate change

 

 
How to adapt to an environmentally conscious lifestyle.

1. Reduce
2. Reuse
3. Recycle
4. Renewable
5. Recover
6. Re-design
7. Re-manufacture

Few examples for the above:
Reduce - Electricity, Fuel Usage
Reuse - Old Clothes, Electronics, Building materials, furniture
Recycle - Plastic, newspapers, cartons, boxes
Renewable - Solar, Wind, Hydro, Tidal, Geothermal & Biomass
Recover - Forests, rivers, soil, mountains, wildlife
Redesign - Green buildings
Remanufacture - E-waste for new purposes

 


India is one of the leaders in sustainable development and clean energy. With the Hon PM Narendra Modi-led government’s reform-oriented, environment-friendly policies, the country has time & again shown that sound environmental policies can pave the way to a sound economy.

At the UN Climate Change Conference COP26 in 2021, PM Shri Narendra Modi announced the ‘LiFE’, a mission to bring individual behavioural change at the forefront of the global climate action narrative. LIFE or Lifestyle for Environment along with the ‘Pro Planet People’ movement, aims to strengthen the efforts to overcome climate change.

LiFE will replace the prevailing 'use-and-throw’ thinking with an environmentally conscious lifestyle. The Mission is to create a global community of ‘Pro-Planet People’ (P3), who with their shared commitment will adopt and promote environmentally friendly lifestyles.

Individual Efforts Are Key to Climate Commitment

India's traditional knowledge strongly positions it to lead the narrative of addressing climate change. Like many other mass movements, LiFE aims to inspire climate action based on the mantra of ‘Sabka Sath, Sabka Vikas’.

Our civilisational values have taught us the importance of living in harmony with nature. Today, let’s come together to protect our environment & take forward Mission LiFE - Lifestyle for Environment.

अब इंडिया भारत बनेगा

अब इंडिया भारत बनेगा

Fight against corruption.- Reducing corruption through technology

Fight against corruption.

Utilising advancements in technology
 remove corruption in every form 
technology as enabling tools
Multi-pronged strategy to tackle the problem in an effective manner.


Saturday, August 22, 2020

परिवार पहचान पत्र Family Identity Card

परिवार पहचान पत्र Family Identity Card

E -राशन कार्ड है तो सरकार सिर्फ नए नए कार्ड बना पैसा क्यों बर्बाद कर रही है। 
आज हर व्यक्ति का आधार कार्ड है जो unique है। उसे  object लिंकिंग कर नया डेटा आधार डेटा बेस से बनाया जा सकता है। आधार existing डेटा बेस में वोटर id , परिवार id , national population register आदि को जोड़ सरकार का करोड़ो, खरबो बचाया जा सकता है तो फिर नए नए कार्ड बनाने के नाम पर corruption क्यों हो रहा है।

एक देश है तो सिर्फ एक ही कार्ड होना चाहिए। आधार।
चाहे पैन कार्ड, वोटर id, परिवार पहचान पत्र, Nps कार्ड,  School id कार्ड, रोजगार कार्ड, बैंक account.... एक कर सरकार का कार्ड के नाम पर फालतू व्यय बचाया जा सकता है।

Ref हिंदुस्तान

Tuesday, August 18, 2020

मानव अधिकार आयोग

मानव अधिकार आयोग
संविधान के अनुच्छेद 21 ओर 23 के तहत  प्रत्येक व्यक्ति को जीवन जीने ओर काम के बदले मजदूरी का अधिकार प्राप्त हो

 महीनों से वेतन न मिलने के कारण घर का खर्च चलना मुश्किल हो गया ।

वेतन को रोककर सवैधानिक ओर मानवाधिकार की सीमाएं लांघ गए।

कई बार अनुरोध करने पर भी दुर्वव्यवहार

Sunday, August 16, 2020

Cemented Cycle way both the side of Road in all over India and cities साइकिल सवारों के लिए सुरक्षित नही सड़के।

5 lakhs caror  FDI Opportunity in cement cycle way across India

साइकिल ट्रैक पर चल रहे दोपहिया वाहन
खस्ता हाल मार्ग पर गन्दगी का अंबार.

हरित पट्टी पर कब्जो के चलते राहगीरों का पैदल चलना मुश्किल।

डीटीपी डिपार्टमेंट ऑफ टाउन प्लानिंग Gurugram

Please clearly demarcate and also barricade cycling lanes so that bikes and cars do not enter it they always enter there and create more risk. Place more police officers to ensure traffic rules are obeyed and 100 rupee does not allow minors to ride or leave repeat offenders

@DC_Gurugram The cycling lanes must have bollards/barricades in both sides not just one side , it will discourage both enrochment and other vehicles from entering the lane, the cycling lanes must be coloured in more visible colours (eg neon) to make it more distinctive

Hoping that we will get world class cycling lane with physical barrier from the main carriageway Enough examples available from across the world! https://t.co/Dn1KlwXwAL


Corruption , Development possibility or opportunity को खा रहा है। गुरुग्राम हरयाणा

सड़को पर गड्ढे से हादसों का खतरा बढ़ा।
प्रशासन को सुध नही सड़क की।



ये मिलेनियम सिटी गुरुग्राम गुड़गांव है। सड़क गटर व्यवस्था , रेन वाटर storing व्यवस्था एकदम खराब है। up में है दम हरयाणा नही किसी से कम corruption में सबसे आगे। स्किल ओर सोच आइडियाज की सर्वाधिक कमी हरयाणा में। @cmohry @RSSorg @narendramodi @PMOIndia @nitin_gadkari @aajtak @PIB_India https://t.co/a52CBKSnOx

Dear Residents, We need your support to understand city concerns around cycling better! Kindly find the attached link to form and share your views around cycling in Gurugram. Help us develop healthier people infrastructure.#Cycles4Change #RecyclingStreets

https://t.co/Ii5kg6qC0R

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