Ref: PRSEC/E/2021/27666
एम्प्लायर का लेट से फॉर्म 16 इशू करना अभी फन बनकर रह गया है क्युकि 100 /- per day ( section 272A(2)(g) of the I-T Act) की पेनलिटी एम्प्लॉयीर के लिए कुछ भी नहीं और इस बीच फाइनेंसियल फिगर की एडजस्ट करने का टाइम employer को मिल जाता है। एम्प्लायर पिछले साल ही अपने एक्सपेंसेस में टैक्स बेनिफिट ले चूका होता है।
अगर employee लेट से इनकम टैक्स रेतुर्न भरे तो 10000 /- पेनल्टी after due date, पर यदि employer लेट से फॉर्म 16 इशू करे आफ्टर 31 मई तो केवल 1 00/- पेनल्टी -section 272A(2)(g) of the I-T Act
WHAT IF THE EMPLOYER DOES NOT PROVIDE FORM 16?
5 0000 /-की पेनल्टी Employer पर लेट से फॉर्म 16 इशू करने पर (31 मई के बाद) लगनी चाहिए (अभी पेनल्टी 1 00/- per day है ) -section 272A(2)(g) of the I-T Act
The Act further stipulates that the employer should issue the forms by 31 May after the end of the relevant financial year in which the income was paid and tax deducted. And if the forms are not issued by then,
Penalty on Employer
What Employee can do?
दूसरा सबसे बड़ा करप्शन का कारण है Income tax Salary due bases rule में पेमेंट करने की तारीख 30 दिन से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इस रूल की टेक्निकल कमी का फायदा उठा कर एम्प्लॉयीर सैलरी रोक लेता है। उसका टैक्स बेनिफिट भी इनकम टैक्स में ले लेता है और इस बात का कोई ट्रैक नहीं होता की सच में एम्प्लॉयीर ने यह पेमेंट बाद में किया या नहीं।